सामान्य बल्ब से भी कम कीमत पर LED लाइट बेचेगी केंद्र सरकार, दाम इतना कम कि हर कोई खरीद सकेगा

सामान्य बल्ब से भी कम कीमत पर LED लाइट बेचेगी केंद्र सरकार, दाम इतना कम कि हर कोई खरीद सकेगा

पटना। बिजली खपत को कम करने के लिए सरकार द्वारा LED बल्ब के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें सरकार द्वारा बाजार से कम कीमत पर LED लाइट बेचने की तैयारी की जा रही है। आगामी कुछ दिनों में सरकार सामान्य बल्ब से भी कम कीमत में LED लाइट बेचने की व्यवस्था कर रही है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार  देश भर में 15 मार्च से ग्राम उजाला योजना के तहत ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को 10 रुपये में एलइडी बल्ब उपलब्ध कराएगी. इसके तहत नौ और 12 वाट के पांच एलइडी बल्ब प्रत्येक उपभोक्ता को दिये जायेंगे.

केंद्र सरकार की ग्राम उजाला योजना के तहत सभी गांवों में कैंप लगाये जायेंगे. इस योजना के लिए नियुक्त कर्मी गांव में प्रत्येक बिजली उपभोक्ता के घर जायेंगे और उनसे पुराने पांच बल्ब लेकर 10-10 रुपये में नये एलइडी बल्ब दिये जायेंगे। इ-वेस्ट प्रक्रिया के तहत पुराने बल्ब को डिस्पोज किया जायेगा. सूत्रों के अनुसार 60 वाट के पुराने बल्ब के बदले नौ वाट के नये एलइडी और 100 वाट के पुराने बिजली बल्ब के बदले 12 वाट के नये एलइडी बल्ब दिये जायेंगे.

बिहार में भोजपुर से होगी शुरुआत

इस योजना के पहले चरण में बिहार में भोजपुर जिले से इसकी शुरुआत होगी और वहां करीब 25 लाख एलइडी बल्ब दिये जायेंगे. दूसरे चरण में राज्य के करीब एक करोड़ ग्रामीण उपभोक्ताओं को इसका लाभ होगा. इसका मकसद ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है.

एक बल्ब की कीमत 80 के करीब, यहां से करेंगे भरपाई

सूत्रों के अनुसार नौ वाट के एलइडी बल्ब की लागत करीब 70 रुपये और 12 वाट के एलइडी बल्ब की लागत करीब 80 रुपये है. ऐसे में 10 रुपये में बिजली उपभोक्ताओं को बल्ब देने के बाद करीब 60 और 70 रुपये प्रति बल्ब की लागत की भरपाई केंद्र सरकार करेगी. इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के कार्बन क्रेडिट फंड का लाभ लिया जायेगा. इस तरह पर्यावरण संरक्षण करने की एवज में भारत को इसका फायदा मिल जायेगा.

सूत्रों के अनुसार ग्रीन इनर्जी योजना में प्रत्येक देश अपने संसाधनों को विकसित कर जितना कार्बन पर्यावरण में जाने से रोकते हैं, उस मात्रा के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संबंधित देश के लिए कार्बन क्रेडिट फंड बनता रहता है. इस फंड का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार संबंधित देश कर सकते हैं. 


Find Us on Facebook

Trending News