मुंबई हमले के 13 साल बाद मनमोहन सरकार पर उठे सवाल, कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी

मुंबई हमले के 13 साल बाद मनमोहन सरकार पर उठे सवाल, कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी

PATNA : तीन दिन बाद मुंबई में हुए आतंकी हमले को 13 साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने अपनी ही पार्टी पर एक बड़ा बम फोड़ दिया है। 13 साल बाद मनीष तिवारी ने मुंबई हमले को लेकर मनमोहन सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करना हमारी सरकार की सबसे सड़ी कमजोरी थी। मनीष तिवारी ने उक्त बातें अपनी किताब में लिखी है। जो जल्द ही बाजार में रिलीज होनेवाली है। उनकी किताब का नाम 10 Flash Points, 20 Years है।

इस किताब में मुंबई हमलों का जिक्र करते हुए मनीष तिवारी ने लिखा है कि उस घटना के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी।उन्होंने लिखा है कि एक वक्त आता है, जब कार्रवाई शब्दों से ज्यादा बोलती है। 26/11 वह समय था, जब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। अपनी किताब में मनीष तिवारी ने मुंबई हमले की तुलना अमेरिका में हुआ 9/11 से की है, साथ ही लिखा है आतंक के खिलाफ अमेरिका की तरह ही भारत को भी कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 

कांग्रेस की मौजूदा स्थिति से नाराज हैं तिवारी

बीते कुछ साल में मनीष तिवारी कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल रहे हैं. जिन्होंने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। कुछ दिन पहले उन्होंने देशद्रोह का आरोप झेल रहे कन्हैया कुमार को पार्टी में शामिल करने को लेकर भी आपत्ति जाहिर की थी। साथ ही  पंजाब में राजनीतिक अस्थिरता को लेकर भी सवाल उठा चुके हैं।

तिवारी को भाजपा का समर्थन

गौरतलब है कि भाजपा पहले ही मुंबई हमले को लेकर भारत की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं करने पर तत्कालिक मनमोहन सरकार के फैसले पर सवाल उठाती रही है। अब जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इस बात को मान लिया है तो भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का मौका दे दिया है। पर भाजपा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा कि मनीष तिवारी ने 26/11 के बाद यूपीए सरकार की कमजोरी की ठीक ही आलोचना की है। उन्होंने लिखा कि एयर चीफ मार्शल फली मेजर ने भी कहा था कि इस हमले के बाद वायुसेना कार्रवाई करना चाहती थी, लेकिन यूपीए सरकार ने ऐसा नहीं करने दिया।


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