29 साल की उम्र में 35 बच्चों को दिया जन्म,दुनिया भर की महिलाएं सम्पर्क में,अनुभव आप भी जानिए

29 साल की उम्र में  35 बच्चों को दिया जन्म,दुनिया भर की महिलाएं सम्पर्क में,अनुभव आप भी जानिए

डेस्क... महज 29 साल की उम्र में यह नौजवान 35 बच्चों का पिता बन चुका है। उसका कहना है कि दुनिया भर की महिलाएं हम से लगातार संपर्क साध रहे हैं। हम उनकी मांगों की आपूर्ति भी कर रहे हैं । कई दफा फीमेल क्लाइंट से मिलने के लिए कई जगहों पर जाना पड़ता है इसी बहाने मुफ्त में घूमने का मौका भी मिलता है कब कभी-कभी मुझे यह किसी एडवेंचर से कम नहीं लगता।


महज 29 साल की है उम्र

महज 29 साल की उम्र में 35 बच्चों के पिता बन जाना कोई खेल नहीं। जी हां गार्डी नामक नौजवान की यह कहानी बिल्कुल सच है । गार्डी स्पर्म डोनर है ।स्पर्म डोनेशन के जरिए 35 बच्चों के पिता बन चुके हैं। गार्डी ने ब्रिटिश टीवी स्काई न्यूज़ से बात करते हुए बताया है कि कोरोना काल में व्यस्तता कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है ।कोरोना की वजह से ज्यादातर बिजनेस ऑनलाइन हो चुका है। स्पर्म डोनेशन का बिजनेस भी ऑनलाइन ही चल रहा है।

गार्डी ने बताया है कि वाह लॉस एंजिल्स की एक कंपनी में पार्ट टाइम एकांटेंट हैं और दो फेसबुक ग्रुप के जरिए स्पर्म ढूंढने वाले पेरेंट्स की मदद करता है। गार्डी ने बताया कि इस दौरान हमारी व्यस्तता काफी बढ़ गई है। दुनिया भर की महिलाएं संपर्क करती हैं। हमारी कोशिश होती है कि हम उनकी मांग पूरी करें।

गार्डी 22 साल की उम्र में ही स्पर्म डोनेट करने का काम शुरू किया था,आज वह महज 29 साल की उम्र में 35 बच्चों का पिता बन चुका है। गार्डी का कहना है कि मुझे लोगों की मदद करना बहुत अच्छा लगता है। इसी बहाने मुझे नई नई जगह पर मुफ्त में घूमने का मौका मिल जाता है कभी-कभी यह मुझे एडवेंचर की तरह लगता है।

गार्डी ने बताया है कि महामारी के चलते मैं बहुत ज्यादा व्यस्त हो गया हूं। इस समय स्पर्म की मांग करने वाली महिलाओं की संख्या बहुत बढ़ गई है। 


90 फीसदी महिलाएं आर्टिफिसियल इंसेमिननेशन चाहती जबकि कुछ सेक्स के जरिये


गार्डी का कहना है कि कोरोना में डिमांड काफी बढ़ गया है। अपने क्लाइंट के अनुभवों को शेयर करते हुए गार्डी ने बताया है कि 90 फीसदी महिलाएं आर्टिफिसियल इंसेमिननेशन चाहती जबकि कुछ सेक्स के जरिये। स्पर्म डोनेशन का तरीका कैसा होगा यह खुद उनके क्लाइंट ही तय करती हैं गाड़ी ने बताया है कि उन्हें साल में दो से तीन बार सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का टेस्ट करवाना पड़ता है


गार्डी ने बताया है कि वह स्पर्म डोनेशन के पैसे नहीं लेते हैं। उनके क्लाइंट उनके ट्रेवल का पूरा खर्च उठाते हैं। मुझे फ्री में ट्रिप मिल जाती है और जरूरतमंद लोगों को बच्चा। मैं इसे एक डील की तरह समझता हूं।

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