3 साल की पढ़ाई 6 साल में भी पूरी नहीं...बिहार में उच्च शिक्षा की भद्द पिटने के बाद शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार की चिंता से कराया अवगत

3 साल की पढ़ाई 6 साल में भी पूरी नहीं...बिहार में उच्च शिक्षा की भद्द पिटने के बाद शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार की चिंता से कराया अवगत

पटना. मगध विश्वविद्यालय में लेट सेशन को लेकर छात्र-छात्राओं ने बिहार के शिक्षा मंत्री से इसकी शिकायत की और उनसे गुहार लगाई कि इस सेशन को ठीक किया जाए, लेकिन शिक्षा मंत्री इस पर उचित जवाब नहीं दे पाये। इससे छात्र-छात्राएं नाराज हो गये। मामले का तूल पकड़ते देख अब शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने बिहार के राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात की है। साथ ही इसके लिए शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल को एक पत्र भी लिखा है।

शिक्षा मंत्री का राज्यपाल को पत्र

शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल को लिखे पत्र में बताया है कि 'बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शैक्षिक सत्रों के विलंब से चलने से आप अवगत है। पिछले दिनों कोरोना महामारी के कारण विश्वविद्यालय लगातार बंद रहने से कठिनाई पैदा हुई है। अब स्थिति सामान्य हो गयी है और विशेष जोर देकर विश्वविद्यालयों में सत्र, कक्षाएं एवं परीक्षाएं- सभी के नियमित एवं ससमय संचालन की आवश्यकता है। आपको सम्मरण होगा कि दिनांक 08-08-2021 को आपकी अध्यक्षता में कुलपतियों की हुई बैठक में भी सरकार की इस चिंता की चर्चा मैने की थी तथा सत्र एवं परीक्षाएं नियमित करने के लिए विशेष पहल करने की बात उठाई थी। आपने भी सभी कुलपतियों की इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिया।

परंतु अभी अपेक्षित सुधार होना है। खास तौर से मगध विश्वविद्यालय, बोध गया एवं जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की स्थिति ज्यादा चिंतनीय है। मगध विश्वविद्यालय में तो नियमति पदाधिकारियों की ही कमी है तथा जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा में विभिन्न कारमों से परीक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से नहीं हो रहा है।

सबसे अधिक चिंता की बात है कि इससे बिहार के छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मुझसे व्यक्तिगत रूप से बहुत छात्र मिले हैं, जिनका चयन अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थानों एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं में हो गाय है। लेकिन छात्रों में असंतेष पनपता है एवं सरकार के लिए भी असहज स्थिति बनती है। 

आपसे अनुरोध है कि उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को प्रभावकारी निर्देश देने की कृपा करेंगे। पूर्व में विभाग द्वारा भी आपकी अध्यक्षता में लंबित मामलों की सूची के साथ कुलपतियो की एक बैठक बुलाने का आग्रह किया गया है। कृपया शीघ्र तिथि निर्धारित कर बैठक आयोजित करने की कृपा करेंगे, जिससे कि इस समस्या का निदान हो सके।'

शिक्षा मंत्री से फरियाद

दरअसल, जदयू कार्यालय में प्रतिदिन एक मंत्री आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए बैठते हैं। इसी दौरान जब शिक्षा मंत्री लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तो मगध विश्वविद्यालय के छात्र पहुंचे। पहले तो शिक्षा मंत्री ने छात्र-छात्राओं की गुहार सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। छात्र-छात्राओं का आक्रोश इस बात को लेकर था कि उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इधर जदयू कार्यालय में पहुंची छात्राएं अपनी फरियाद सुनाते-सुनाते रोने लगीं। 

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