35 साल बाद शुरू हुई दुष्कर्म मामले पर सुनवाई, पीड़ित और आरोपी दोनों की हो चुकी है मौत

35 साल बाद शुरू हुई दुष्कर्म मामले पर सुनवाई, पीड़ित और आरोपी दोनों की हो चुकी है मौत

लखनऊ। देश की न्यायिक व्यवस्था में माना जाता है कि यहां देर है लेकिन अंधेर नहीं। लेकिन कभी कभी इसमें इतनी देरी हो जाती है कि अंधेरा खत्म होने की सारी उम्मीद भी खत्म हो जाती है। सुनवाई का इंतजार करते करते कई बार लोगों की जिंदगी खत्म हो जाती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जिसमें दुष्कर्म की घटना में 35 साल बाद सुनवाई शुरू हुई। चौंकानेवाली बात यह थी सुनवाई के दौरान न तो पीड़िता जीवित बची थी, न ही उसके साथ गलत करनेवाला दुष्कर्मी।

35 साल पहले बहला-फुसलाकर ले जाने और रेप का मुकदमा अचानक जिंदा हो गया। जब यह मामला सामने आया था तब चार्जशीट पर स्टे के बाद आरोपित खुली हवा में घूम रहे थे। हाईकोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद तारीख पड़नी शुरू हुई है। एडीजे 11 की अदालत में आज इस मामले की सुनवाई है।

1985 की है घटना

घटना 18 अक्टूबर 1985 की है। जब  परमपुरवा जूही निवासी कपड़ा दुकानदार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि पड़ोसी नरेश उसकी 14 साल की बेटी को बहलाकर इलाहाबाद ले गया और कहा कि मौसी के यहां शरण लेगा। इलाहाबाद में मौसी का घर न मिल पाने पर नरेश उसके साथ इलाहाबाद स्टेशन लौट आया। यहां दोनों को पप्पू उर्फ बिंदेश्वरी मिला। पप्पू दोनों को सिर छिपाने की जगह दिलाने के बहाने अपने घर ले गया। जहां पप्पू ने नरेश को शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया। जिसके बाद पप्पू और उसके साथी श्रीचंद ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद दोनों को जान से मारने की धमकी देकर दूसरे स्थान ले जा रहे थे। रास्ते में पुलिस दिखने पर किशोरी ने चिल्ला दिया। धूमनगंज पुलिस ने नरेश व पप्पू को गिरफ्तार कर लिया। श्रीचंद फरार हो गया। 

इधर, किशोरी के पिता ने जूही थाने में नरेश, उसके भाई रमेश, सुरेश, बहन जमुना देवी के खिलाफ 21 अक्तूबर 1985 को मुकदमा दर्ज कराया। लगभग दस दिन बाद किशोरी बरामद हुई तो उसके बयान पर पप्पू और श्रीचंद्र के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद 25 नवंबर को पुलिस ने मुकदमे में चार्जशीट लगा दी। 22 जुलाई 1986 को जमानत पर छूटा पप्पू चार्जशीट पर हाईकोर्ट से स्टे ले आया। स्टे के चलते स्थानीय अदालत में सुनवाई पर रोक लग गई। जिसके बाद कोर्ट से तारीख पर तारीख पड़ती रही, लेकिन सुनवाई शुरू नहीं हो सकी।

20 साल पहले नरेश की हो गई मौत

10 फरवरी 2019 में हाईकोर्ट ने रेप से जुड़े सभी मामलों के स्टे रद करने का आदेश जारी किया तो यह मुकदमा फिर शुरू हो सका। जब इसकी फाइल खोली गई तो पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी नरेश की 20 साल पहले ही मौत हो गई है। वहीं पीड़िता की भी मौत की डेथ रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। हालांकि पप्पू अब भी जमानत पर है। अब पीड़िता की जांच करनेवाले डॉक्टर की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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