BJP ने 'सहनी' को दी थी 11 सीटें, 4 विधायकों के बूते 'योगी' के अपमान का बदला बिहार में लेना चाहते हैं मुकेश सहनी

BJP ने 'सहनी' को दी थी 11 सीटें, 4 विधायकों के बूते 'योगी' के अपमान का बदला बिहार में लेना चाहते हैं मुकेश सहनी

PATNA : योगी सरकार द्वारा भारी बेइज्जती के बाद मंत्री मुकेश सहनी भारी गुस्से में हैं। वे अब UP का बदला बिहार में लेने की कोशिश कर रहे। आज NDA की बैठक से अनुपस्थित रहकर इसका मैसेज दे दिया है। हालाकिं बीजेपी मुकेश सहनी प्रकरण से बैकफुट पर आएगी इसकी संभावना न के बराबर है। 

बीजेपी ने सहनी को दी थी 11 सीटें 

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव का साथ छोड़ दिया था। भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहनी ने महागठबंधन से वाक आउट कर तेजस्वी को झटका दिया था। महागठबंधन का साथ छोड़ने के बाद बीजेपी ने मुकेश सहनी को अपना लिया। भाजपा नेताओं को लगा कि बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इसी के साथ बीजेपी में अपने कोटे से विधानसभा की 11 सीटें दे दी। मुकेश सहनी का जदयू से गठबंधन नहीं हुआ बल्कि जिस तरह से मांझी ने जेडीयू से समझौता किया उसी तरह मुकेश सहनी ने बीजेपी से समझौता कर विधानसभा की 11 सीटें ले ली। सिर्फ विधानसभा की सीटें ही नहीं बल्कि हिस्से में विधान परिषद की 1 सीट भी मिल गई।

BJP के नेता तब खूब करते थे गुणगान

 सारे भाजपा के नेता यह कहते नहीं थक रहे थे कि मुकेश सहनी अति पिछड़ा समाज के बड़े नेता हैं। तेजस्वी यादव ने एक अति पिछड़े समाज के नेता का अपमान किया है। बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही मुकेश सहनी अपनी सीट भी बचा पाने में सफल नहीं हुए हों, लेकिन उनकी पार्टी वीआईपी के 4 विधायक चुनाव जीतकर सदन पहुंच गए। 

अब सीधे बीजेपी के आइकॉन योगी से टकरा रहे सहनी


VIP की विधानसभा में चार की संख्या ही आज की सत्ताधारी गठबंधन के लिए काफी अहम हो गया है। इसी संख्या बल के आधार पर मंत्री सहनी सीधे बीजेपी के आइकॉन UP के CM योगी से टक्कर ले रहे। बिहार विधानसभा में संख्या बल की बात करें तो कुल 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 2 सीटें खाली हैं। जदयू के 2 विधायकों के निधन के बाद जदयू के पास फिर से 43  विधायक ही बचे  हैं। जबकि बीजेपी के खाते में 74 हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास चार वही वीआईपी के पास कुल 4 विधायक हैं। इस तरह से वर्तमान में नीतीश सरकार के पक्ष में एक निर्दलीय मिलाकर 126 विधायकों का समर्थन है। इस तरह से बड़ी मुश्किल से बिहार एनडीए में बहुमत का आंकड़ा जुटाया है। बिहार विधानसभा में अभी बहुमत के लिए कम से कम 121 विधायकों का समर्थन चाहिए। अगर मुकेश सहनी नीतीश सरकार से समर्थन वापस ले लेते हैं तो संख्या घटकर 122 पर आ जायेगी। जीतन राम मांझी जिनके पास 4 विधायक हैं वो भी सहनी के सुर में सुर मिला रहे। ऐसे में नीतीश सरकार के लिए संकट और बढ़ सकती है।

क्या सहनी के रुख से बैकफुट पर आएगी बीजेपी?

दरसअल मुकेश सहनी को पड़ोसी राज्य UP में विस् चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसको लेकर मंत्री सहनी लगातार UP में घूम रहे। लेकिन UP की BJP सरकार ने VIP चीफ को हैसियत में ला दिया है। योगी सरकार ने VIP द्वारा पूर्व सांसद फूलन देवी की प्रतिमा लगाने से रोक दिया है साथ ही मूर्ति को भी जब्त कर लिया। इतना ही नहीं UP में किसी कार्यक्रम करने से रोक रही है। मुकेश सहनी को भी कल UP में हवाईअड्डा पर नजबन्द कर दिया गया है। फिर बैरंग वापस भेज दिया गया। इससे मुकेश सहनी भारी गुस्से में हैं। मुकेश सहनी अब UP का बदला बिहार में लेने की मंशा पाल रखे हैं। लिहाजा आज उन्होंने NDA की बैठक से अपने आप को अलग रखा है। हालांकि बीजेपी नेतृत्व के लिए बिहार से अधिक  UP जरूरी है। अब देखना होगा BJP नेतृत्व मुकेश सहनी की इस धमकी को किस रूप में लेती है। हालांकि इतना तो साफ हो गया कि BJP के सहयोगी सहनी ने मुश्किल जरूर खड़ी कर दी है।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट 


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