रजरप्पा में मंदिर का दर्शन करने जा रहे पटना के 5 दोस्तों की मौत, घर में मचा कोहराम

रजरप्पा में मंदिर का दर्शन करने जा रहे पटना के 5 दोस्तों की मौत, घर में मचा कोहराम

PATNA : सड़क हादसे में जिंदा जले पांचों युवकों के गांव फुलवारीशरीफ में बुधवार को चूल्हे नहीं जले। गांव के लोगों ने बताया कि फुलवारी शरीफ बोचा चक से आलोक कुमार ब्रह्मापुर से राज किशोर राय एवं मुन्ना राय और रानीपुर फुलवारी शरीफ से गोलू कुमार मंगलवार को दोपहर अपनी गाड़ी वैगनआर से रजरप्पा स्थित मंदिर पूजा करने निकले थे। लोगों ने बताया कि आलोक के घर उसकी छोटी बहन मुस्कान की शादी की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थी। बहन की शादी इसी वर्ष तय हुई थी। घर का माहौल काफी खुशनुमा था। आलोक अपनी बहन की शादी के लिए कपड़े और गहने की व्यवस्था में लगा था। इस बीच, आलोक मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे अपने घर से यह कह कर निकला कि वह अपने कुछ दोस्तों के साथ नई मारुति कार की पूजा करने झारखंड के रजरप्पा जा रहा है। 

इस बीच धनबाद सड़क हादसे मैं पांचों दोस्तों की मौत हो गयी। सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ के बोचा चक ,रानीपुर और ब्रह्म पुर गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। राज किशोर राय 35 वर्ष फुलवारी शरीफ के आसपास जमीन का कारोबार करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही राज किशोर राय के दोनों बेटे सुमित कुमार 10 वर्ष और साहिल कुमार 8 वर्ष पिता के मौत की खबर सुनकर पूरी तरह टूट गए । अबोध बच्चों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। राज किशोर राय के भाई विकास कुमार ने बताया की मंगलवार को जब यह लोग फुलवारी शरीफ से रजरप्पा के लिए निकले थे तो सभी के चेहरे पर एक खुशी झलक रही थी। दूसरी तरफ मुन्ना राय के साला ने बताया कि मुन्ना राय की दो बेटी चुलबुली 10 वर्ष , स्नेहा कुमारी 8 वर्ष जबकि दो बेटे रवि शंकर 5 वर्ष और गौरी शंकर 2 वर्ष बार-बार पिता को याद करके बेहोश हो जा रहे हैं। 

घर का माहौल इस कदर गम में डूबा है कि वहां पहुंचने वाले हर किसी के आंखों में आंसू स्वता निकल पढ़ रहे हैं। गांव के चारों तरफ चीख-पुकार से पूरा गांव गम के माहौल में डूबा है। गांव के लोगों ने बताया कि मुन्ना राय प्राइवेट गाड़ी का ड्राइवर के रूप में काम करते थे। अपनी छोटी कमाई से ही मुन्ना राय अपने और अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। इसी बीच अचानक ना जाने किसकी नजर लग गई थी बुधवार के सड़क हादसे में और समय मुन्ना राय काल के गाल में समा गए। आसपास के लोगों ने बताया कि मुन्ना राय के घर में परिवार को संभालने वाला सिर्फ मुन्ना राय ही था। अपने चार बच्चों के साथ पत्नी का भरण पोषण की जिम्मेवारी मुन्ना राय के कंधे पर थी। अब उनके और उनके बच्चों को देखरेख करने वाला कौन होगा , यह बताने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग बुधवार को ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।

पटना से सुमित की रिपोर्ट 

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