70 की उम्र में भी कम नहीं हुआ हरियाली, बन चुका है जिंदगी का मकसद, सीएम नीतीश भी इन्हें कर चुके हैं सम्मानित, जानिए कौन है वो

70 की उम्र में भी कम नहीं हुआ हरियाली, बन चुका है जिंदगी का मकसद, सीएम नीतीश भी इन्हें कर चुके हैं सम्मानित, जानिए कौन है वो

कटिहार। नीतीश कुमार पर्यावरण को लेकर जितने सजग नजर आते हैं, वह उनकी योजनाओं में नजर आता है। जल जीवन हरियाली बिहार का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट बन चुका है। लेकिन इस प्रोजेक्ट से बहुत पहले कटिहार के एक शख्स ने अपनी जिंदगी का मकसद ही पर्यावरण में हरियाली लाने को बना लिया था। पेड़-पौधों से ऐसा प्रेम कि अब वह उनके बीच ही जिंदगी गुजारना पसंद करते हैं।

इस शख्स का नाम है शेख सौरादी है। जो अब 70 बसंत से भी ज्यादा की जिंदगी देख चुके हैं, लेकिन उनके पर्यावरण के प्रति प्रेम आज शहर के लोगों के लिए उदाहरण बन गया है।  बीते साल जब बिहार के सीएम नीतीश कुमार  कटिहार में जल जीवन हरियाली के अंतर्गत रौतारा चमरु पोखर का उद्धाटन करने पहुंचे तो विशेष रूप से शेख सौरादी को बुलाया गया। सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें सम्मानित भी किया और इस बुजुर्ग ग्रीन मैन के काम की सराहना की। समाज के लोग भी पर्यावरण के प्रति इस शख्स के इस सोच की कायल है और सामाजिक बुद्धिजीवी लोग कहते हैं की पर्यावरण बचाने की जुनून शेख सौरादी जैसा ही होना चाहिए।

पौधों के बीच जिंदगी

सीएम नीतीश कुमार जब पिछले साल पोखर का उद्घाटन करने पहुंचे थे, उससे पहले ही शेख सौरादी ने इस इलाके में हजारों पौधे लगाकर यहां हरियालीमय कर चुके थे। हाल के दिनों में उन्होंने फिर से यहां दो सौ पौधे लगाए हैं। वह इस पोखर की रखवाली का काम भी करते हैं, लेकिन चिंता की बात है कि उन्हें इसके लिए दैनिक मजदूरी से कम पैसे मिलते हैं। वह बताते हैं कि हर माह सिर्फ 1400 रुपए का भुगतान किया जाता है, जिसमें गुजारा कर पाना मुश्किल हो जाता है। इन सबके बाद भी उनका पौधों के प्रति लगाव लगातार बना हुआ है।



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