जीविका की दीदियाँ बनायेंगी 70 लाख सोलर लैंप, पांच राज्यों के छात्रो के बीच होगा वितरित

जीविका की दीदियाँ बनायेंगी 70 लाख सोलर लैंप, पांच राज्यों के छात्रो के बीच होगा वितरित

BETIA : पश्चिम चम्पारण जिले में जीविका की दीदियां 70 लाख सोलर लैंप बनायेंगी. इन सोलर लैम्प को सरकारी प्राईमरी और उच्च विद्यालयों में वितरित किया जायेगा. इससे स्कूलों में पढ़नेवालों छात्रों को अब बिजली पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा. तकनीशियन सी॰एल॰आसवनी ने बताया की भारत सरकार की 70 लाख सोलर लैंप वितरण की योजना है जिसमें भारत के पाँच राज्य बिहार ,उड़ीसा , झारखंड , असम और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. उन्होने बताया की बिहार के प॰चंपारण जिला के दस प्रखंडों में सरकारी विधालयों मे पढ़ रहे 1 से 12 वी क्लास तक के बच्चो के बीच इसे मात्र 100 रुपया मे देना है. उन्होने बताया की मझौलिया ब्लौक मे 42 हजार बच्चो के बीच सोलर लैंप वितरण करना है. अभी तक मझौलिया प्रखण्ड मे ग्रीष्मावकाश के पहले 16 हजार लैंप बांटे गए है, जिससे अभी तक कुल 16 लाख की आमदनी भी हो गई है.

अब भारत सरकार की इस योजना से जीविका की दीदियों को रोजगार मिल रहा है. जो केवल खाना बनाना तक जानती थी आज वही महिलाए अपने हाथों में बिजली का सोल्डिंग आयरन लेकर डिजिटल स्टडी लैंप बना रही हैं. काम कर रही जीविका दीदी सोमाली देवी ने बताया कि हमलोग एक दिन मे चार से पाँच सौ सोलर स्टडी लैंप बना लेती है.पहले हमलोगो को इस काम से डर लगता था, लेकिन अब नही लगता है|.इस काम के करने से हमलोगो को पैसा भी मिलता है. 

इस संबंध मे मझौलिया प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी गुरुदेव गुप्ता ने बताया की स्टडी सोलर लैंप बनाकर सरकारी विद्यालयों मे पढ़ रहे बच्चो के बीच कम मूल्य पर वितरण करना सरकार की बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है. उन्होने बताया की जो बच्चे बिजली की अभाव में पढ़ नही पाते थे. अब इस सोलर लैंप से आराम से पढ़ाई कर सकेंगे |.इससे बच्चो का पढ़ाई के प्रति उत्साह भी बढ़ा है.

वही इस मामले मे मझौलिया प्रखण्ड की जीविका समूह की कौर्डिनेटर प्रियमबदा ने बताई की यह सरकार की काफी ही अच्छी योजना है. सरकार का यह योजना गरीब लोगों को स्वरोजगार देता है. उन्होंने कहा कीइस समूह मे वैसी दीदी जुड़ी है जो थोड़ा बहुत पढ़ी है. उन्हे प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार दिया गया है. आज यहाँ काम कर रही दीदी प्रतिदिन चार से छह सौ रुपया कमा लेती है. 

इस मामले मे मझौलिया प्रखण्ड मे प्रखण्ड समन्वयक सुजीत कुमार ने बताया की यहाँ जीविका की दीदियाँ सोलर स्टडी लैंप का एसम्बल करती हैं. यहा काम कर रही जीविका दीदी प्रतिदिन 4 से 6 सौ रुपया आसानी से कमा लेती है. उन्होने बताया की यह भारत सरकार की एमएनआरई, आईआईटी मुंबई और जीविका द्वारा यह काम किया जा रहा है. उन्होने बताया की एमएनआरई की ओर से प्रोजेक्ट फंड दिया जाता है और आईआईटी मुंबई द्वारा किट बना कर यहा भेजा जाता है. और जब यहा किट आ जाता है तो जीविका की दीदियाँ उसे एसम्बल कर सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे सभी बच्चो को मात्र सौ रुपया मे देती हैं.

बेतिया से आशीष कुमार गुप्ता की रिपोर्ट  



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