बिहार में 711 ईटीएस मशीन से 'जमीन' की होगी नापी, पैसा देने के बाद भी 'अफसर' मशीन खरीदने में पड़े सुस्त

बिहार में 711 ईटीएस मशीन से 'जमीन' की होगी नापी, पैसा देने के बाद भी 'अफसर' मशीन खरीदने में पड़े सुस्त

PATNA:  बिहार सरकार जमीन से जुड़े विवादों को कम करने को लेकर कई तरह की तैयारी की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कई सुधार किये हैं। इस वर्ष कई नये प्रयोग किये जायेंगे। नये साल में बिहार की जनता को कई तरह की सौगात दी जाने वाली है। 

इनमें स्पेषियल म्युटेशन के जरिए दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण का अंतिम रूप से प्रकाशन, राजस्व नक्शों की डोर स्टेप डिलीवरी, अंचल अभिलेख भवनों का कार्यकारी होना, आधुनिक अभिलेखागारों में डाॅक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम व रिकाॅर्ड मैनेजमेंट सिस्टम और लोगों से मामूली शुल्क लेकर राजस्व दस्तावेज उपलब्ध कराना शामिल है। अंचल अभिलेख भवनों के माध्यम से जमाबंदी पंजी, नामांतरण अभिलेख और राजस्व मानचित्र समेत कई अभिलेख आम जनता को उपलब्ध कराया जाना है। 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने आज अपने कार्यालय कक्ष में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। नए साल में आयोजित इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों से इस वित्तीय वर्ष के शेष बचे तीन महीनों में किए जानेवाले कार्यों की जानकारी मांगी। बैठक में भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह ने सर्वे और लैंड रिकाॅर्ड्स के क्षेत्र में अगले तीन महीने में निदेषालय द्वारा शुरू की जानेवाली सेवाओं की जानकारी दी गई। इनमें कुछ विषयों जैसेः- आधुनिक अभिलेखागारों और डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ रेवेन्यू मैप की तैयारी पूरी हो चुकी है और इससे संबंधित सेवाएं कभी भी शुरू की जा सकती हैं।

जय सिंह बताया कि 175 अंचलों में आधुनिक अभिलेखागार बनकर तैयार है। मार्च तक 250 के करीब आधुनिक अभिलेखागार कार्यकारी हो जाएंगे। पैसा दिया जा चुका है, जहां उपस्करों की खरीद में विलंब हो रहा है वहां के अपर समाहर्ताओं को जल्द क्रय करने के लिए स्मारित किया जा रहा है। निदेशक ने यह भी बताया कि मार्च, 22 तक प्रथम फेज के गांवों में क्षेत्रीय कार्य समाप्त कर दिया  जाएगा।  अर्थात 20 जिलों के 89 अंचलों के 208 शिविरों के 5127 गावों में ग्राम सीमा सत्यापन, त्रि सीमाना निर्धारण, किस्तवार और खानापुरी का काम पूरा हो जाएगा।

अपर मुख्य सचिव द्वारा जमीन की मापी हेतु ईटीएस मशीन की खरीद की प्रगति का भी जायजा लिया। पूरे बिहार में 711 ईटीएस मशीन की खरीद की जानी है .जिसके लिए सभी जिलाधिकारियों को भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय की तरफ से पैसा दिया जा चुका है। खरीद में पिछड़े जिलों के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव ने संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त और जिला पदाधिकारी को पत्र देने का निदेश निदेशक भू अभिलेख और परिमाप को दिया है।  

निदेशक, भू अर्जन द्वारा बताया गया कि भू अर्जन परियोजनाओं की रिपोर्टिंग शुरू हो चुकी है। इसमें जिला भू अर्जन पदाधिकारियों द्वारा जिलावार और परियोजनावार डाटा फीड किया जा रहा है। जिन जिलों के जिला भू अर्जन पदाधिकारियों ने एमआईएस रिपोर्ट नहीं भरा है या जिन जिला भू अर्जन पदाधिकारियों द्वारा आधी अधूरी रिपोर्ट भरी गई है उसकी लिस्ट की मांग अपर मुख्य सचिव द्वारा निदेशक, भू-अर्जन से की गई। साथ ही बास भूमि क्रय नीति के तहत भूमि क्रय के मामले में सुस्ती को भी अपर मुख्य सचिव ने गंभीरता से लिया . अगले सोमवार को अपर मुख्य सचिव जूम मीट में खराब काम करनेवाले अपर समहर्ताओं/भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं/अंचल अधिकारियों की बैठक करेंगे। यह समीक्षा मुख्य रूप ईटीएस मशीन की खरीद, वास भूमि हेतु रैयती भूमि की खरीद, म्युटेशन अपील से संबंधित होगा।


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