9 साल बाद पीएम मोदी और सीएम नीतीश दिखेंगे साथ-साथ, गांधी मैदान से फूंकेंगे चुनावी बिगुल

9 साल बाद पीएम मोदी और सीएम नीतीश दिखेंगे साथ-साथ, गांधी मैदान से फूंकेंगे चुनावी बिगुल

पटना : पटना के गांधी मैदान में 3 मार्च को एनडीए की होने वाली ‘संकल्प रैली’ को लेकर बिहार पुलिस के वरीय अधिकारी और जिला प्रशासन अभी से ही एक्शन मोड में आ गए हैं. इस ‘संकल्प रैली’ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई केन्द्रीय मंत्री को संबोधित करेंगे. 

गौरतलब है कि पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहला अवसर होगा जब वो गांधी मैदान में किसी रैली को संबोधित करेंगे। इसके पूर्व नरेन्द्र मोदी ने 2014 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के पूर्व 27 अक्टूबर 2013 को गांधी मैदान में आयोजित ‘हुंकार रैली’ को संबोधित किया था. उस वक्त मोदी के मंच पर पहुंचने के पूर्व  गाधी मैदान में लगातार छह सीरियल धमाके हुए थे तथा एक धमाका पटना जंक्शन पर हुआ था. उस वक्त सबसे पहला धमाका सुबह 9:30 बजे पटना जंक्शन स्थित एक शौचालय में हुआ था. इस धमाके में एक दहशतगर्द ताहिर बुरी तरह जख्मी हो गया था जिसकी बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी. जबकि धमाके के बाद बगल के शौचालय में बम लगा रहे एक आतंकी इम्तयाज को भागने क्रम में दबोच लिया गया था. 

जिंदा पकड़े गए आतंकी इम्तियाज के बयान पर इस सीरियल ब्लास्ट मामले पर से पूरा पर्दा हटा था. गांधी मैदान में हुए छह सीरियल धमाके में आधा दर्जन लोग मारे गए थे जबकि 89 लोग घायल हुए थे. 63 माह पहले हुई इस घटना को ध्यान में रखकर बिहार पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारी इस बार कोई चूक नहीं होने देना चाहते हैं. गांधी मैदान की सुरक्षा-व्यवस्था की मॉनेटरिंग खुद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय और डीजी टीम में शामिल एडीजी, विधि-व्यवस्था कुंदन कृष्णन कर रहे हैं. सुरक्षा के ख्याल से बुधवार के सुबह से ही आम नागरिकों को गांधी मैदान में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. रैली की तैयारियों में लगे मजदूरों को भी जांच करने के बाद ही गांधी मैदान के अंदर जाने दिया जा रहा है. 

सुरक्षा-व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गांधी मैदान के चरों ओर 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है. रैली के दिन गांधी मैदान के आसपास के सभी उंची इमारतों पर दूरबीन के साथ अर्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती की जाएगी. बीते बुधवार से ही पटना पुलिस राजधानी के होटलों पर भी नजर रख रही है. रैली के दौरान कोई गांधी मैदान के आसपास कोई पार्किंग भी नहीं होगी. ऐहतियात के तौर पर सरकार ने 2 मार्च के शाम से ही गांधी सेतू, कोईलवर सेतु सहित कई सेतुयों पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी है. इन सेतुओं से सिर्फ पटना आने वाले वाले ही वाहन आएंगे. यह व्यवस्था संकल्प रैली के खत्म होने तक जारी रहेगी. खबर के मुताबिक एसपीजी की टीम शनिवार से ही मंच और उसके आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा अपने हाथ में ले लेगी. 

एनडीए की होने वाली रैली में सबसे दिलचस्प बात यह है कि 9 साल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार किसी चुनावी सभा को एक साथ संबोधित करेंगे। इससे पहले 2010 में पंजाब के लुधियाना में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) एनडीए के लिए साझा प्रचार किया था. नीतीश कुमार 1998 से एनडीए का हिस्सा रहे थे और लगातार गठबंधन के लिए प्रचार-प्रसार करते रहे थे. पर जून 2013 से लेकर जुलाई 2017 तक वह एनडीए का हिस्सा नहीं थे. यहां तक कि 27 अक्टूबर को जब पटना के गांधी मैदान में मोदी की हुंकार रैली हुई थी तो उसे फ्लाप करार देते हुए कहे थे कि इस रैली को आतंकियों ने सीरियल ब्सास्ट कर सफल बना दिया.’

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