92 प्रतिशत लोगों में नहीं हो रहा दोबारा कोरोना संक्रमण ,शोध में हुआ खुलासा

92 प्रतिशत लोगों में नहीं हो रहा दोबारा कोरोना संक्रमण ,शोध में हुआ खुलासा

DESK:कोविड-19 की चपेट में आज पूरा विश्व है लगातार आकड़ो में बढ़ोत्तरी हो रही है,हर कोई चिंतित है कि आखिर कैसे कोरोना की जंग जीती जाये. हलांकि इसको लेकर हर देश अपने स्तर से जुटा है और बहुत हद तक सफलता भी मिली हैं, कोरोना मरीज को इस बात की भी चिंता सता रही है कि अगर कोरोना एक बार हो जाये तो क्या वो फिर इस खतरनाक बीमारी का शिकार हो सकते है?तो अब इसका जवाब सामने आ गये है,एक शोध की माने तो 92 प्रतिशत कोरोना सेठीक हुये मरीजों को कोरोना फिर अपनी चपेट में नहीं लेता है.

 न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के हालिया अध्ययन से पता चला है कि कोरोना से उबरने वाले 92 फीसदी मरीजों में सार्स-कोव-2 वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी पैदा होते हैं। ये एंटीबॉडी शरीर में कम से कम 90 दिन टिककर संक्रमण को दोबारा पनपने से रोकते हैं।अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण की जद में आए 19,700 लोगों के खून के नमूनों का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि 92 प्रतिशत संक्रमितों के शरीर में सामान्य से लेकर उच्च मात्रा में आईजीजी एंटीबॉडी हुए थे, जो सार्स-कोव-2 वायरस के स्पाइक प्रोटीन से जुड़कर उसकी मारक क्षमता को कुंद कर देते हैं। 

स्पाइक प्रोटीन कोशिकाओं में मौजूद एसीई-2 रिसेप्टर की पहचान कर उन्हें संक्रमित करने में वायरस की मदद करता है। शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि जिन संक्रमितों में कम मात्रा में एंटीबॉडी बने थे, उनमें से 50 फीसदी में वायरस को निष्क्रिय करने की क्षमता थी। वहीं, जिन संक्रमितों में मध्यम या उच्च मात्रा में एंटीबॉडी पैदा हुए थे, उनमें से 90 फीसदी संक्रमण को दोबारा उभरने से रोकने में सक्षम थे।

तो अब चिंता करने की कोई बात नहीं  क्योंकि शोध में ये बात साबित हो गई है कि कोरोना अगर आपको हो भी जाये तो शायद ये बीमारी आपको दुबारा नहीं छू पायेगी.

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