2 एकड़ खेत में एक बोरा खाद, किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी से पूछ लिया - किस कॉलेज में की है पढ़ाई

2 एकड़ खेत में एक बोरा खाद, किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी से पूछ लिया - किस कॉलेज में की है पढ़ाई

AURANGABAD :- जिले में यूरिया की किल्लत से परेशान किसानों का सब्र टूटने लगा है और उन्होंने जिले के डीएओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी की पढ़ाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह दो एकड़ खेत के लिए सिर्फ एक बोरा खाद उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि एक कट्ठा जमीन में ही 1 किलो खाद की खपत हो जाती है। न जाने उन्होंने किस विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है, जहां ऐसी पढ़ाई होती है। किसानों ने कहा एक तरफ सरकार कह रही है कि प्रदेश में खाद की कोई कोई किल्लत नहीं है, तो जिले का डीएओ क्यों किसानों के साथ ऐसा कर रहे हैं, यह समझ से परे है। अगर उनके पास खाद का आंवटन नहीं है तो आवंटन कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।

दरअसल, औरंगाबाद में यूरिया खाद को लेकर हाहाकार मचा है किसान परेशान है परंतु उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है प्रत्येक दिन किसान खाद के लिए दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं इधर यूरिया खाद पहुंचते ही इफको खाद दुकान पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी लेकिन इफको बाजार का काउंटर समय से नहीं खुलने पर किसान आक्रोशित हो गए और गया दाउदनगर मुख्य पथ को जाम कर हंगामा करने लगे। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि किसान सब कुछ उखाड़ फेंकने को तैयार थे सड़क जाम और हंगामे की सूचना पर अंचलाधिकारी मुकेश कुमार इंस्पेक्टर पवन कुमार पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अधिकारियों की उपस्थिति में इफको बाजार का काउंटर खोला गया जिसके बाद किसानों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ


किसानों का आरोप - हमलोगों से नफरत करते हैं डीएओ

खाद लेने पहुंचे एक किसान ने बताया कि जिले का डीएओ पूरी तरह से तानाशाही रवैय्या अपनाए हुए है। उन्होंने डीएओ को हिटलर बताते हुए कहा कि बटाईदारों को बोल दिया कि खाद के लिए करंट रसीद और शपथ पथ जमा करना होगा। अब डीएओ यह बताएं कि किसान खाद की व्यवस्था करे या अंचलों में जाकर शपथ पत्र के लिए भागदौड़ करे। इस दौरान किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 72 घण्टा के अंदर इस आदेश में सुधार नही हुआ तो किसान उग्र आंदोलन पर बिवश होंगे और कृषि पदाधिकारी के साथ आर पार की जंग होगी।


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