स्नेहशीस पाण्डेय के साथ फेसबुक लाइव पर बोलें केदार नाथ पांडेय, आखरी सांस तक शिक्षकों की हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे

स्नेहशीस पाण्डेय के साथ फेसबुक लाइव पर बोलें केदार नाथ पांडेय, आखरी सांस तक शिक्षकों की हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे

News4nation desk : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदारनाथ पाण्डेय ने शिक्षकों के हक की लड़ाई आख़िरी साँस तक लड़ते रहने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने उपरोक्त उदगार बक्सर के स्नेहशीस पाण्डेय के फेसबुक लाइव पर बातचीत के दौरान व्यक्त किया।

बक्सर के साथ अपने पुरानी यादों को साझा करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि बक्सर में विश्वामित्र के यज्ञ में श्री राम और लक्ष्मण आए थे, यह एक पौराणिक और धार्मिक संस्कृति की भूमि रही है और साथ ही इससे बचपन की मधुर स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं जो विस्मृतनहीं होती हैं।| अपने जीवन के अनेक अन छुए पहलुओं का भी स्मरण किया और सारणकी भूमि से अपनी कर्मयात्रा और बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के साथ जुड़ने और बिहार के शिक्षकों का ही होकर रह जाने की बातों का जिक्र किया।

स्वतंत्रता दिवस की 74 वी वर्षगांठ परसमस्तशिक्षकों को अपनी बधाई देते हुए कहा कि शिक्षकों के उपर समाज का बहुत बड़ा दायित्व हैजिसे पूर्ण करना हैं और शिक्षकों की सामाजिक और आर्थिक तथा उनके सम्मान के लिए कटिबद्ध हूँ। उनकी अपूर्णमांगोंके प्रति संवेदनशील भी हूँ | 

केदारनाथ पाण्डेय ने कहा की आन्दोलन कभी मरतेनहीं, हमेशा नये स्वप्न देखने चाहिए सेवा शर्त में हमेशा सुधार की गुंजाईशरहती है| 

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर शिक्षकों के संदर्भसेवा शर्त नियमावली सहित की गई अन्य घोषणावों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की लंबी चली हड़ताल जिसे कोरोनाकाल की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए हड़ताल को स्थगित करना पड़ा। यह संगठन की ताकतऔर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की जीत है। समान वेतन मानकी लड़ाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री की सेवा शर्त नियमावली और अन्य सुविधाओं का एलान एक स्वागत योग्य कदम है| 

स्नेहाशीष पाण्डेय के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जबाब देते हुए केदारनाथ पांडेय ने घाटाअनुदान और शिक्षकों की समस्याओं और उनके समाधान की दिशा में माध्यमिक शिक्षक संघ की भूमिका का विस्तार सेप्रकाश डाला| वार्ता के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को भी रखते हुए कहा कि जो माँगे अधूरी रह गई है उनके समुचित समाधान होने तक विधानपरिषद में पुरे जोरसे उठाऊंगा।साथ ही शिक्षकों के सम्मान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दूँगा| 

उन्होंने नई शिक्षा नीति पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा की 34 वर्षों बाद नई शिक्षा नीति लाई जा रही है जिसमें बहुत सारी अच्छी बातें रखी गई हैं जो कि स्वागत योग्य हैं। साथ ही यह भी कहा कि समान शिक्षा प्रणाली और समान स्कूल प्रणाली की देश में जरुरत है जिसकी परिकल्पना और संस्तुति 1968 में कोठारी आयोग ने की थी। लोहिया जी का भी सपना था कि चपरासी और  जिलाधिकारी के बच्चे जब तक एक साथ नहीं पढ़ेंगेतब तक सरकारी शिक्षणसंस्थान समृद्ध और विकसित नहीं होंगे| नई शिक्षा नीति को जनता के बीच लेकर जाने और जनता साथ ही शिक्षकों को भी जागृत करने के लिए माध्यमिक शिक्षक संघ अपने स्तर से जिलावार कार्यक्रम कर रहा है और निरंतरजारी रखेगा, यह बात भी उन्होंने रखी| 

केदारनाथ पाण्डेय जो कि लम्बे कार्यकाल से बिहार विधानपरिषद की निवेदन समिति के अध्यक्ष हैं ने निवेदन समिति की कार्य पद्धति और इसके उपर कुछ लोगों के द्वारा शिक्षा समिति बताए जाने पर घोरआश्चर्य प्रकट किया और कहा कि निवेदन समिति या अन्य समितियों के गठन का अधिकार परिषद के सभा पति/विधानसभा के अध्यक्ष /लोकसभा के अध्यक्ष को लोकसभा की कमिटि गठित करने का अधिकार है जो कि एक संवैधानिकप्रक्रिया है और मैंने निवेदन समिति के अध्यक्ष के रूप में जनता और शिक्षकों के हितों को कार्यपालिका से कार्यान्वयन कराया है| 

चर्चा के दौरान बक्सर निवासी अजय तिवारी के द्वारा शहरी क्षेत्रों के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की निरंतर बढ़ती संख्या जिसका अनुपात 54% है और 3% की दर से निरंतर वृद्धि हो रही है से सम्बन्धित सवाल का जबाब देते हुए केदारनाथ पाण्डेय ने कहा कि निजी विद्यालयों की बढ़ती संख्या और शिक्षकों से गैर शैक्षणिककार्य लेने से यह परिस्थिति पैदा हुई है जो कीदेश और प्रान्त के सरकारी विद्यालयों के लिए खतरनाक और गंभीर संकेत हैऔर शिक्षा के निजीकरण और बाजारी करणसरकारी शिक्षा के लिए संकट को बढ़ानेवाला साबित होगा| स्नेहाशीष के साथ जुड़िए कार्यक्रम में सारणशिक्षक निर्वाचनक्षेत्र के साथ बिहार के अन्य जगहों से बहुत सारे शिक्षकों ने भाग लिया|

Find Us on Facebook

Trending News