आम जनता पार्टी ने मांझी के बयान को हिंदू समाज को चोट पहुंचानेवाला बताया, रामायण को सिलेबस में शामिल करने की सरकार से की मांग

आम जनता पार्टी ने मांझी के बयान को हिंदू समाज को चोट पहुंचानेवाला बताया, रामायण को सिलेबस में शामिल करने की सरकार से की मांग

PATNA : जिस तरह से बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने रामायण और श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए हैं, उसके बाद वह पूरी तरह राजनेताओं के निशाने पर आ गए हैं। जहां भाजपा सहित दूसरे राजनीतिक पार्टियों ने उनसे माफी मांगने को कहा है. वहीं अब आम जनता पार्टी राष्ट्रीय के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्यपति चंद्रवंशी ने मांझी के बयान को हिन्दू समाज को ठेस पहुंचानेवाला बताया है। 

विद्यापति चंद्रवंशी ने मांझी से पूछा है कि उनके घर में सत्यनारायण भगवान की पूजा नहीं हुई है। सनातन धर्म में यह आस्था की बात है। जिस तरह से उन्होंने अपनी बात कही है, यह हिन्दूओं की आस्था पर चोट पहुंचानेवाला है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी आम आदमी नहीं है, उनकी कही बातों का समाज पर असर पड़ता है। उन्होंने जिस तरह की बातें की है, वह लोगों के हृदय को चोट पहुंचानेवाला है। अगर वह समझते हैं कि इससे उनकी पार्टी को लाभ मिलेगा, तो उनकी गलतफहमी है।

रामायण को सिलेबस में शामिल किया जाए

आम जनता पार्टी अध्यक्ष विद्यापति चंद्रवंशी ने रामायण को पाठ्यक्रम में सिलेबस में शामिल करने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा रामायण में राम को पुरुषोत्तम बताया गया है। एक ऐसा व्यक्ति जो बताता है कि अपने भाइयों के प्रति कैसा व्यवहार करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति जो वनवास जाने के बाद भी अपनी मां को माफ कर देता है। रामायण के राम ऐसे हैं, जिन्हें हर व्यक्ति को पढ़ना चाहिए। जिस तरह तकनीकी ज्ञान के विज्ञान की पढ़ाई होती है, उसी तरह आदर्श जीवन के लिए रामायण की पढ़ाई करना जरुरी है। 

उन्होंने कहा कि जब जब धर्म में राजनीती की जाएगी तो महाभारत होगा, लेकिन राजनीति में धर्म के आने पर रामायण लिखी जाएगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म की राजनीति करते हैं, उनके लिए क्षणिक समय के लिए तो इसका लाभ मिलेगा, लेकिन लंबे समय तक इससे आगे नहीं बढ़ सकता है। मांझी जैसे सीनियर नेता को यह बात समझना होगा। अगर वह चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं तो यह पूरी तरह से गलत है।

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