अब चलती ट्रेन में महिलाओं की रक्षा में तैनात रहेगी 'मेरी सहेली'... ऐसे करेगी मदद....

अब  चलती ट्रेन में महिलाओं की रक्षा में तैनात रहेगी  'मेरी सहेली'... ऐसे करेगी मदद....

पटना : महिला सुरक्षा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने ट्रेन में सफर कर रही अकेली महिला के लिए मेरी सहेली अभियान का शुरुआत किया है जिसमें अकेली सफर कर रही महिलाओं को आरपीएफ की महिला बिंग के द्वारा मदद किया जाएगा जिसे मेरी सहेली का नाम दिया गया है।जिसमें रेलवे पुलिस बल की महिला विंग महिला यात्रिओं का हाल-चाल जानेगी और उन्हें यात्रा के दौरान आत्मरक्षा के गुर भी सिखाएगी। इसके अलावा महिला यात्रिओं को सफर के दौरान कोई परेशानी होती है, तो उसका निदान भी महिला विंग करेगी। रेलवे का मानना है कि इस पहल से ट्रेन में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कमी आएगी।  बताया जा रहा है सफर के दौरान ट्रेन में अकेले यात्रा कर रही महिलाओं को परेशानी की कई शिकायतें आ रही थीं। वह खुद को असुरक्षित महसूस करती थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने ‘मेरी सहेली’ नाम की सुविधा शुरू की है।

महिला दस्ता नोट करेगी सीट नंबर....

 रेलवे के इस अभियान के तहत आरपीएफ की महिला दस्ता अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं का सीट नंबर नोट करेगी और महिला यात्री को जागरूक करेगी कि किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने के चीज न ले। जो भी सामान लेना है। वो आईआरसीटीसी के वेंडर या उसकी अधिकृत स्टॉल से ही लें। वहीं आरपीएफ सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 182 और जीआरपी सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 1512 में भी जागरूक किया जाएगा।

सफर में परेशानी होने पर 182 डायल करें...

अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्री कोई परेशानी या दिक्कत होने पर आरपीएफ हेल्पलाइन नंबर 182 डायल करके ट्रेन एस्कॉर्ट को अपने पास बुला सकती हैं। जो वहां पहुंच कर महिला यात्री की परेशानी का समाधान करेंगे। वहीं रेलवे अपने इस अभियान में महिला यात्रियों से उनकी यात्रा पूरी होने के बाद फीडबैक लेगा। जिससे इस अभियान को और बेहतर बनाया जा सकें।यदि अब महिला यात्री को कोई मनचला परेशान करता है या अन्य समस्या होती है तो वह ‘मेरी सहेली’ टीम से अपनी बात कह सकती है। उसकी पूरी मदद की जाएगी। रेलवे बोर्ड से जारी सूची के अनुसार, हर कोच में यह टीम महिला यात्रियों का हाल-चाल लेती है। यह प्रक्रिया हर स्टेशन पर होगी।

कंट्रोल रूम भेजा जाएगा संदेश...

जहां से महिला ने सफर शुरू किया है वहां से गंतव्य तक उसे सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। ट्रेन में पूछताछ के बाद उसकी पूरी जानकारी संदेश बनाकर कंट्रोल रूम को भेजी जाती है।

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