अब पटना नगर निगम को दीजिए प्लास्टिक के कचड़े, बदले में पाइए मास्क

अब पटना नगर निगम को दीजिए प्लास्टिक के कचड़े, बदले में पाइए मास्क

Patna :  अब पटना नगर निगम को खाली प्लास्टिक के बोतल और कचड़े दीजिए और बदले में मास्क पाइए। दरअसल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु आम जन को प्रोत्साहित करने एवं उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्येश्य से पटना नगर निगम एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा “प्लास्टिक लाओ मास्क पाओ” अभियान की शुरुआत की गई है। 

पटना के मौर्या लोक कॉम्पलेक्स अवस्थित निगम मुख्यालय में काउंटर की व्यवस्था की गई है जहां लोग प्लास्टक के कचरे (चिप्स पैकेट, थैले, बोतल आदि) देकर बदले में मास्क पा सकते हैं। नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा, द्वारा आज सोमवार को प्लास्टिक के बदले मास्क वितरित कर काउंटर का उद्घाटन किया गया।

इन सामग्रियों के बदले मिलेगा मास्क

अभियान के अंतर्गत अधिष्ठापित काउंटर पर प्रत्येक श्रेणी के प्लास्टिक कचरे की न्यूनतम संख्या/वजन एवं विनिमय दर तय की गई है जिसके आधार पर मास्क दिया जाएगा। 20 चिप्स के पैकेट/15 प्लास्टिक थैलियां/10 प्लास्टिक बोतल/20 टूथब्रश एवं स्ट्रॉ/ 10 मिश्रित प्लास्टिक उत्पाद देने पर एक मास्क प्राप्त होगा। पटना नगर निगम द्वारा कम से कम 6-7 काउंटर की व्यवस्था की जा रही है जहां लोग प्लास्टिक कचरा देकर ना सिर्फ मास्क प्राप्त कर सकेंगे बल्कि पर्यापरण को प्रदूषण मुक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

स्वच्छता केंद्र में प्लास्टिक कचरे का निष्पादन

नगर आयुक्त ने कहा कि अभियान के अंतर्गत संग्रहित प्लास्टिक कचरे का गर्दनीबाग अवस्थित स्वच्छता केंद्र में प्रक्रमण (प्रोसेसिंग) कर शीट अथवा गत्ते में तब्दील किया जाता है। प्लास्टिक शीट एवं गत्ते को रिसाइक्लिंग प्लांट्स भेजा जाता है ताकि वे पुन: इस्तेमाल में लाए जा सकें। स्वच्छता केंद्र में प्रतिदिन एक टन प्लास्टिक कचरे का निपटारा किया जाता है। लोगों के सहयोग से यह क्षमता दोगुनी से ज्यादा संभव है।

कचरा पृथक्करण हेतु अभियान जारी

उन्होंने बताया कि कचरे को reduce-reuse-recycle करने हेतु पटना नगर निगम द्वारा सभी छह अंचलों में विशेषज्ञों द्वारा लोगों को डोर-टू-डोर जाकर गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिट्री कचरा एवं घरेलू खतरनाक कचरों को अलग-अलग डब्बों में संग्रहित करने के तरीके एवं महत्व से अवगत कराया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) एवं आगा खान फाउंडेशन द्वारा इस अभियान में सहयोग किया जा रहा है।

पटना नगर निगम की कचरा गाड़ियों में गीले कचरे (सब्जी, फल के छिलके, खाद्य सामग्री, आदी) के लिए हरे रंग की डस्टबिन, सूखा कचरे (कागज, गत्ता, लकड़ी, प्लास्टिक आदि) के लिए नीले रंग की डस्टबिन एवं घरों से निकलने वाली खतरनाक सामग्रियों यथा ब्लेड, पेंट के डब्बे, बल्ब, सैनिट्री नैप्किन एवं इस्तेमाल किए गए मास्क, गल्व्ज आदी के लिए कचरा गाड़ियों के पीछे पीले रंग की थैली की व्यवस्था की गई है।

गीले कचरे को नगर निगम द्वारा खाद अथवा बिजली उत्पादन हेतु कम्पोस्टिग पिट, बायोगैस प्लांट आदी भेजा जाएगा। वहीं सूखे कचरे को प्रोसेसिंग प्लांट में भेजकर उसे पुन: इस्तेमाल लाए जाने की योजना है।

बता दें  कि प्लास्टिक लाओ मास्क पाओ अभियान के द्वारा लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे घरों से निकलने वाले प्लास्टिक के कचरे को गीले कचरे से मिलाकर फेंकने की जगह अलग से जमा करें एवं उसका दोबारा इस्तेमाल करें। 

उल्लेखनीय है कि निगम एवं यूएनडीपी द्वारा लगातार विभिन्न अभियान के माध्यम से आम जन को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट से जोड़ा जा रहा है। इससे पहले प्लास्टिक लाओ-थैला पाओ अभियान लॉन्च किया गया था जिसमें लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

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