इंजीनियरिंग छात्र के ख़ुदकुशी के बाद एबीवीपी ने की मांग, परीक्षा नियंत्रक को बर्खास्त कर जल्द से जल्द हो गिरफ्तारी

इंजीनियरिंग छात्र के ख़ुदकुशी के बाद एबीवीपी ने की मांग, परीक्षा नियंत्रक को बर्खास्त कर जल्द से जल्द हो गिरफ्तारी

CHHAPRA  : लोकनायक जयप्रकाश नारायण अभियंता महाविद्यालय छपरा में कल हुए छात्र संदीप कुमार की आत्महत्या पर सवाल उठाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। परिषद् की ओर से कहा गया की यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। परिषद् के नेताओं ने कहा की महाविद्यालय परिसर में 25 दिसंबर 2021 को कुछ छात्रों के द्वारा तुलसी पूजन दिवस के अवसर पर संध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम किया गया था। उसके बाद परीक्षा नियंत्रक सह उप प्राचार्य जाफर अयूब अंसारी ने उसी दिन देर शाम छात्रावास में जाकर छात्रों को गाली गलौज किया था और धमकी भी दिया था। वही दूसरे दिन शाम में जब छात्र वॉलीबॉल खेल रहे थे तो परीक्षा नियंत्रक जाफर अयूब अंसारी पहुंचकर नेट काटकर वॉलीबॉल जप्त कर लेते हैं और छात्रों को बोलते हैं कि अभी 4 साल इसी कैंपस में रहना है। परीक्षा नियंत्रक हम ही हैं तुम लोग को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस पर छात्र विरोध भी करते हैं, तो परीक्षा नियंत्रक बोलते हैं कि अब तुम लोग से बात नहीं होगा। खेलना कूदना सब बंद। देख लेने की धमकी भी देते हैं। 

घटनाक्रम में आगे 27 दिसंबर 2021 को छात्र परीक्षा नियंत्रक के दुर्व्यवहार व धमकी को लेकर महाविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते हैं व परीक्षा नियंत्रक पर कार्रवाई की मांग प्राचार्य से करते हैं। प्राचार्य के कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। उस धरना प्रदर्शन में छात्र संदीप भी शामिल था। धरना प्रदर्शन के बाद उसी दिन उप प्राचार्य के द्वारा छात्र संदीप को बोला गया कि  तुम बड़ा नेता बन रहा है। इसी कैंपस में तुमको रहना है। कल सुसाइड के दिन संदीप अपना आखिरी पेपर अंग्रेजी का दे रहा था। उस दौरान उसे टारगेट करते हुए परीक्षा नियंत्रक जफर अयुब अंसारी ने उसे बार-बार परीक्षा के दौरान टॉर्चर किया। जिसके कारण वह अपना पेपर सही से नहीं लिख पाया। जिसके पश्चात वह अपने छात्रावास में आकर खुदकुशी कर लिया। विद्यार्थी परिषद ने घटना की निष्पक्ष जांच करते हुए तत्काल परीक्षा नियंत्रक बर्खास्त करने वह गिरफ्तार करने की मांग की है। विद्यार्थी परिषद ने घटना के तुरंत बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी दी है। मंत्री ने भी जिलाधिकारी को कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पत्रकार वार्ता में जिला सह निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष रजनीकांत सिंह, नगर मंत्री प्रशांत सिंह एवं नगर सह मंत्री रविशंकर चौबे उपस्थित थे।


उधर छात्र के ख़ुदकुशी के बाद उपजे तनाव के बाद  जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले लोक नायक जयप्रकाश इंजीनियरिंग कॉलेज में आधा दर्जन से अधिक दंडाधिकारियों की नियुक्ति जिला प्रशासन के द्वारा की गई है। साथ में पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई है ताकि विधि व्यवस्था उस क्षेत्र की सही रहे। इस घटना को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा करीब 8 प्रखंड स्तर के डिप्टी कलेक्टर एवं अन्य पदाधिकारियों को दिन में 8:00 बजे से रात्रि में 8:00 बजे तक दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। साथ ही पुलिस पदाधिकारी एवं बल को भी लगाया गया है। ताकि इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों के द्वारा किसी भी प्रकार के उपद्रव से निपटा जा सके एवं विधि व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।

 


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