अच्छे दिन का वादा तो नहीं हुआ पूरा, लेकिन बेरोजगारी दर ने तोड़ दिए रिकॉर्ड

अच्छे दिन का वादा तो नहीं हुआ पूरा, लेकिन बेरोजगारी दर ने तोड़ दिए रिकॉर्ड

NEWS4NATION DESK : देश की जनता से अच्छे दिन लाने का वादा करके सत्ता में आई मोदी सरकार ने एक नया रिकॉर्ड खुद के नाम कर लिया है। देश के अंदर बेरोजगारी दर ने लगभग साढ़े चार दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के बाद बेरोजगारी दर में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

नोटबंदी के फैसले के बाद देश में बेरोजगारी दर बेतहाशा बढ़ी है। साल 2017-18 में देश के अंदर बेरोजगारी दर पिछले 45 वर्षों में सबसे ज्यादा 6.1% रही। साल 1972 73 के बाद यह पहला मौका था जब देश के अंदर बेरोजगारी दर का स्तर यहां तक जा पहुंचा।

देश में बेरोजगारी दर की स्थिति को लेकर बिजनेस स्टैंडर्ड ने नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस की तरफ से पेरीयोडिक लेबर फोर्स सर्वे ने यह जानकारी दी गई है कि देश के अंदर बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी रही। सरकार की तरफ से जुटाए गए बेरोजगारी दर के आंकड़े को सार्वजनिक करने में एक तरफ जहां लगातार देरी हो रही है वहीं इस देरी के कारण राष्ट्रीय सांख्यिकीय आयोग के 2 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। ताजा सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार की तरफ से 8 नवंबर 2016 को किया गया नोटबंदी का फैसला रोजगार को लेकर नकारात्मक साबित हुआ है।

Find Us on Facebook

Trending News