गया डीएम और एसएसपी की उपलब्धि, नशामुक्ति दिवस पर सीएम नीतीश ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित

गया डीएम और एसएसपी की उपलब्धि, नशामुक्ति दिवस पर सीएम नीतीश ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित

GAYA :  नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर ज्ञान भवन गाँधी मैदान पटना में आयोजित समारोह में आज ज़िला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक गया हरप्रीत कौर को मद्यनिषेध के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिये आज नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


इस मौके पर आयोजित समारोह में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम जब सरकार में आये तो शराब से टैक्स 5000 करोड़ रूपया तक पहुंच गया था। 2015 में जब हम फिर से सरकार में आये तो महिलाओं की मांग पर शराबबंबदी लागू करने का विचार किया। 2015 में जब नई सरकार बनी। उसके बाद हमने शराब बंदी लागू करने का निश्चय किया और पाठक जी को इसका जिम्मा दिया। 1 अप्रैल 2016 को हमने शराबबंदी कानून लागू कर दिया। नीतीश कुमार ने कहा कि 90 परसेंट आदमी तो अच्छा करता है, लेकिन 10 परसेंट कुछ ना कुछ गड़बड़ करता है। उसी के लिए हम लोग प्रयास करते रहते हैं। आज भी तरह-तरह की बात होती है। शराबबंदी कानून पूरी तरीके से लागू हो। इसको लेकर हम हर बार मीटिंग करते हैं। हम अधिकारियों से कहते हैं कि इसको देखिए। कार्रवाई जारी है।

वहीँ मुख्यमंत्री ने ताड़ी छोड़कर नीरा का कारोबार करने की सलाह दी। कहा कि ताड़ी छोड़कर नीरा का काम करने वालों को हम लोग प्रोत्साहन देंगे। सरकार इस पर काम कर रही है। जब हमलोग काम कर रहे है। फिर भी लोग ताड़ी का कारोबार कर रहे। इसका क्या मतलब है। नीरा फायदे की चीज है,ताड़ी शराब से जुड़ा हुआ चीज है। जबकि नीरा कितना लाभ देने वाला चीज है। अब कितने लोग नीरा पीते हैं, कितना अच्छा होता है उसका स्वाद। हमने कहा है कि जो शराब का धंधा करता है उसको खोजिए। वैसे लोग जो गड़बड़ी करता है उसको पकड़िए। हम सतत जीवकोपार्जन में और जोड़ने जा रहे हैं। जो यह धंधा छोड़कर दूसरा कोई भी काम शुरू करेगा उसको सरकार एक लाख रू देगी।

उन्होंने कहा कि आप कोई दूसरा काम करिए, पशुपालन करिए या फिर अन्य काम। हम आपको एक लाख रू देंगे। इसमें पहले ₹60000 रू सतत जीवकोपार्जन योजना में मिलता था. दारू बहुत खराब चीज है।

गया से मनोज की रिपोर्ट


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