बिहार उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश उत्तराखंड झारखंड छत्तीसगढ़ राजस्थान पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश दिल्ली पश्चिम बंगाल

LATEST NEWS

लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी का करारा हमला -"जब धृतराष्ट्र अंधे थे, तब द्रौपदी का वस्त्र हरण हुआ था, आज भी राजा अंधे बैठे हैं,मणिपुर और हस्तिनापुर में कोई फर्क नहीं है",भारी बवाल

लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी का करारा हमला -"जब धृतराष्ट्र अंधे थे, तब द्रौपदी का वस्त्र हरण हुआ था, आज भी राजा अंधे बैठे हैं,मणिपुर और हस्तिनापुर में कोई फर्क नहीं है",भारी बवाल

दिल्ली-  लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्तीव पर चर्चा के अंतिंम दिन विपक्षने सरकार की कमियों को गिनाया तो सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष के प्रश्न का करारा जवाब दिया. वहीं कांग्रेस ने मोदी सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया.

अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए  कांग्रेस सासंद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आप बहुमत की ताकत से अविश्वास प्रस्ताव पर जीत सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि ये प्रस्ताव लाया क्यों गया. हम लगातार मांग कर रहे थे कि पीएम मोदी सदन में आएं और मणिपुर के मुद्दे पर बयान दें. पीएम ने सदन में न आने की शपथ ली थी. पीएम को हम लोग खींच कर सदन में लाये हैं.

कांग्रेस सासंद अधीर रंजन चौधरी ने  पीएम मोदी को लेकर कहा कि जब धृतराष्ट्र अंधे थे, तब द्रौपदी का वस्त्र हरण हुआ था, आज भी राजा अंधे बैठे हैं. मणिपुर और हस्तिनापुर में कोई फर्क नहीं है. उनके इस बयान का अमित शाह ने उठकर विरोध किया.अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी नीरव मोदी बनकर चुपचाप चुप्पी साधे बैठे हैं. हंगामा बढ़ने के बाद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि किसी को आहत करने के लिए कुछ नहीं कहा, मणिपुर पर पीएम की चुप्पी बिल्कुल पसंद नहीं है. चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने मणिपुर के सांसद को संसद में बोलने का मौका नहीं दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम चार बजे विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे और अपनी सरकार का पक्ष रखेंगे.वहीं सूत्रों का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री के भाषण के बाद वोटिंग से पहले विपक्षी सांसद वाकऑउट करेंगे. 

बता दे कांग्रेस का कहना है कि मणिपुर के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर संसद के भीतर बयान देने का दबाव बनाने के कई विकल्पों पर विचार करने के बाद यह फैसला किया गया कि अविश्वास प्रस्ताव ही सबसे कारगर रास्ता होगा. इसके जरिये सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विवश किया जा सकेगा.  कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन इंडिया के अन्य घटक दल मॉनसून सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए.


Suggested News