आदित्यपुर नगर निगम मामला : गेंद कहीं कार्यपालक पदाधिकारी के पाले में तो नहीं !

आदित्यपुर नगर निगम मामला : गेंद कहीं कार्यपालक पदाधिकारी के पाले में तो नहीं !

JAMSHEDPUR : जिले के आदित्यपुर नगर निगम डिप्टी मेयर अमित उर्फ बॉबी सिंह के साथ पार्षदों और कार्यपालक पदाधिकारी दीपक सहाय के बीच उत्पन्न विवाद को लेकर समीकरण पल-पल बदलत रहा है. तीन दिन पहले तक जो पार्षद डिप्टी मेयर के साथ थे और कार्यपालक के खिलाफ मोर्चाबंदी में डिप्टी मेयर के साथ लगे नजर आ रहे थे.वे शुक्रवार को मेयर और कार्यपालक पदाधिकारी के साथ देखे गए. इससे  कयास लगाए जा रहे हैं कि कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ मोर्चाबंदी के चक्रव्यूह में कहीं डिप्टी मेयर ही तो नहीं फंस गए? वैसे एक हफ्ते से शुरू हुआ निगम का हाई वोल्टेज ड्रामा अब धीरे- धीरे शांत होता नज़र आ रहा है. लोग इस विवादित मैच की गेंद कार्यपालक पदाधिकारी के पाले में जाता मानने लगे हैं. 

यहां पूरे प्रकरण में मेयर की ख़ामोशी कहीं न कहीं पूरे प्रकरण को और ज्यादा दिलचस्प बना रहा है. हालांकि माना ये जा रहा है कि कोल्हान की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले मेयर विनोद कुमार श्रीवास्तव को डिप्टी मेयर का आक्रामक तेवर कहीं न खटकने लगा है. वैसे लोकसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा यहां दो गुटों में बंटी हुई थी, जिसका खामियाजा सिंहभूम संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ को भुगतना पड़ा और देश के राजनीतिक सुनामी में भी भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी. यहां ये बताना जरूरी है कि आदित्यपुर नगर निगम के मेयर को भाजपा कोल्हान का सह प्रभारी बनाया गया था. लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान डिप्टी मेयर की सक्रियता और मुख्यमंत्री समेत पार्टी के बड़े नेताओं के साथ करीबी को इस विवाद के साथ जोड़कर देखा जा सकता है. राजनीतिक पंडितों की अगर माने तो डिप्टी मेयर का बढ़ता कद मेयर को खटकने लगा है और कहीं न कहीं निगम के ताजा विवाद में उनकी खामोश इसी ओर इशारा करती है.  जिससे माना ये जाने लगा है कि डिप्टी मेयर अब इस चक्रव्यूह में बुरी तरह से फंस चुके हैं.  

शुक्रवार को निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में अधिकांश वैसे पार्षद जो कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ थे. इस दौरान उनके साथ नज़र आए. जबकि इस कार्यक्रम में मेयर भी मौजूद थे. ही आज इस पूरे तस्वीर से डिप्टी मेयर अमित सिंह गायब दिखे. बताया जाता है कि अमित सिंह शहर से बाहर हैं इसलिए पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके.  लेकिन मेयर और सभी पार्षदों आयुक्त के समक्ष जिस तरह कार्यपालक पदाधिकारी के उठते-  बैठते दिखें, इससे राजनीतिक पंडितों के विश्लेषण को बल मिलना लाजिमी है.

इधर एक सप्ताह पूर्व निगम के पदाधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए डिप्टी मेयर ने सभी पार्षदों के साथ इस्तीफा देने का ऐलान किया था. तीन दिन पूर्व रांची प्रोजेक्ट भवन में नाराज़ पार्षदों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने के बाद डिप्टी मेयर ने दावा किया था, कि कार्यपालक पदाधिकारी दीपक सहाय हटाए जाएंगे और नगर निगम में नगर आयुक्त की पदस्थापना होगी. लेकिन अब यह मामला ठंडा पड़ता जा रहा है. वैसे आने वाले दिनों में देखना ये दिलचस्प होगा कि क्या कार्यपालक पदाधिकारी दीपक सहाय इस कुर्सी पर जमे रहते हैं या उन्हें हटाया जाएगा. मामला इतना बढ़ने के बाद भी नगर  निगम से कार्यपालक पदाधिकारी नहीं हटे तो डिप्टी मेयर बॉबी सिंह को मुंह की खानी पड़ेगी. हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी दीपक सहाय भी रसूखदार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं. लगातार कई सालों से वे जमशेदपुर और सरायकेला में जमे हुए हैं. इससे पूर्व दीपक सहाय जमशेदपुर के मानगो नोटिफाइड एरिया, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति में बतौर कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में काम कर दे चुके हैं. जबकि पिछली बार इनका तबादला आदित्यपुर नगर निगम में हुआ और नगर निगम का पहला चुनाव इन्हीं के कार्यकाल में पूरा हुआ. यहाँ एक साल के भीतर ही डिप्टी मेयर के साथ इनका विवाद खुलकर सामने आ गया है. वैसे मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री का इन्हें करीबी माना जाता है. अब इस खेल का विजेता कौन होगा इसकी आस लगाए राजनीतिक गलियारे में कई दिग्गज टकटकी लगाए बैठे हैं. वैसे कल शाम को ही मुख्यमंत्री तीन दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुंचे हैं. इस बीच डिप्टी मेयर के शहर से बाहर होने की बात बताई जा रही है.

जमशेदपुर से संतोष की रिपोर्ट

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