13 साल बाद मनरेगा प्रोग्राम पदाधिकारियों के सर्टिफिकेट की होगी जांच,फर्जी पाए जाने पर वेतन की होगी वसूली

13 साल बाद मनरेगा प्रोग्राम पदाधिकारियों के सर्टिफिकेट की होगी जांच,फर्जी पाए जाने पर वेतन की होगी वसूली

PATNA : बिहार सरकार 13 साल बाद मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारियों के सर्टिफिकेट की जांच कराएगी ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के डीएम और डीडीसी को जांच का आदेश दिया है। जांच 3 महीने में पूरी कर लेनी है और जांच में जिन पदाधिकारियों के सर्टिफिकेट फर्जी पाए जाएंगे उनके खिलाफ केस दर्ज करा कर तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा साथ ही वेतन की वसूली की जाएगी।

फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी करने की लगातार देखते हुए सरकार ने जांच कराने का फैसला किया है। 

बता दें कि 2006 में बिहार में मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारियों को संविदा पर बहाली की गई थी। अब तक कई बार मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारियों के सर्टिफिकेट की जांच की मांग हुई, लेकिन 13 साल तक ग्रामीण विकास विभाग कान में तेल डालकर सोया रहा। 

विधानसभा में भी कई सदस्यों ने कार्यक्रम पदाधिकारियों के सर्टिफिकेट जांच का मसला उठाया था फिर भी जांच नहीं हुई।  अब जाकर ग्रामीण विकास विभाग सभी डीएम और डीडीसी को जांच कराने का आदेश दिया है। 

विवेकानंद की रिपोर्ट

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