सत्ता से बेदखल होने के बाद जदयू की पोल खोलने में जुटी भाजपा, बताया कैसे शराबबंदी में बढ़ी जदयू की आमदनी

सत्ता से बेदखल होने के बाद जदयू की पोल खोलने में जुटी भाजपा, बताया कैसे शराबबंदी में बढ़ी जदयू की आमदनी

PATNA : बिहार में भाजपा को नीतीश कुमार ने सरकार से अलग कर दिया है और अब उनका नया साझेदार राजद हो गया है. जिसके बाद आज कुछ घंटे में नीतीश कुमार सीएम और तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम की शपथ लेनेवाले हैं। लेकिन जिस तरह के नीतीश कुमार ने भाजपा से किनारा किया, उसके बाद अब बीजेपी के नेता आक्रमक मूड में आ गए हैं और नीतीश कुमार और जदयू के कामों की पोल खोलने का सिलसिला शुरू हो गया है। इनमें सबसे बड़ा हमला बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद जदयू इकलौती ऐसी पार्टी है, जिसकी आमदनी में पांच साल में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि बिहार में शराबबंदी के बाद बिहार सरकार को मिलने वाला सारा राजस्व शराब माफिया को जाता है, जिसका इस्तेमाल जदयू अपनी पार्टी को जिंदा रखने के लिए करता है, आज शराबबंदी कानून हटेगा, कल जदयू खत्म होगा। उन्होंने कहा है कि शराबबंदी के बाद जेडीयू के चंदे के संग्रह में अभूतपूर्व इजाफा हुआ है।

बताए पांच साल के आंकड़े

गिरिराज सिंह ने शराबबंदी के बाद पांच साल में जदयू को मिलनेवाले चंदे का आंकड़ा भी जारी किया है. जिसमें 2016-17 से 2020-21 में पार्टी को मिले चंदे के बारे में बताया है। गिरिराज सिंह ने बताया कि किस तरह पांच साल में जदयू का चंदा 359 लाख से बढ़कर आज 6,531 लाख हो गया है। जहां 2016-17 में पार्टी की इंकम 359 लाख थी, वहीं 2020-21 में यह राशि 6,531 हो गई। यह तब है जब बिहार में कोई बड़ा उद्योग नहीं लगा। जाहिर है कि शराब के धंधेबाजों ने जदयू को यह चंदा दिया, ताकि शराबबंदी के नाम का दिखावा यूं ही चलता रहा।

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