शिक्षा-नगर विकास के बाद 'परिवहन' विभाग का ट्रांसफर-पोस्टिंग भी होगा स्थगित? चहेतों पर बरसी थी 'कृपा', मंत्री-अधिकारी ने साधी चुप्पी

शिक्षा-नगर विकास के बाद 'परिवहन' विभाग का ट्रांसफर-पोस्टिंग भी होगा स्थगित? चहेतों पर बरसी थी 'कृपा', मंत्री-अधिकारी ने साधी चुप्पी

PATNA: बिहार में जून महीने में सरकारी महकमें में जबरदस्त सेटिंग की बात सामने आती है। पैसे के बल पर चहेते अधिकारियों-कर्मियों की पोस्टिंग की जाती रही है। इस बार भी जून महीने में जबरदस्त तरीके से खेल हुआ. इसके बाद सत्ताधारी दल के विधायकों-मंत्रियों ने ही ट्रांसफर-पोस्टिंग में हुई वसूली और अफसरशाही से पर्दा उठा दिया है। शिकायत के बाद आनन-फानन में कई विभागों ने स्थानांतरण आदेश को स्थगित कर दिया है। शिक्षा विभाग ने ढाई सौ बीईओ के ट्रांसफऱ आदेश को स्थगित किया. वहीं, नगर विकास विभाग ने भी कर्मियों का स्थानांतरण आदेश को स्थगित कर दिया है। इसके बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या परिवहन विभाग जहां ट्रांसफऱ में चहेते सरकारी सेवकों पर कृपा बरसाने की बात सामने आई है वहां भी स्थानांतरण आदेश स्थगित होगा ?

परिवहन विभाग के मंत्री से लेकर अधिकारी तक ने साधी चुप्पी

अवर शिक्षा सेवा के अधिकारियों का स्थानांतरण 30 जून को किया गया था। लेकिन 1 जून को ही शिकायत मिलने के बाद स्थानांतरण आदेश को स्थगित कर दिया गया। जून महीने के अंतिम दिन शिक्षा विभाग ने 257 प्रखंड़ों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की पदस्थापना की गई थी। 24 घंटे के भीतर ही शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया। वहीं 5 जुलाई को नगर विकास विभाग ने नगरपालिका के कर्मियों के स्थानांतरण आदेश को स्थगित कर दिया है। इसके बाद अब यह चर्चा जोर-शोर से चल पड़ी है कि क्या अन्य विभागों में भी जहां गड़बड़ी की शिकायत मिली है वहां भी कार्रवाई होगी और स्थानांतरण आदेश को स्थगित किया जाएगा ? हालांकि परिवहन विभाग में जून के अंतिम दिन एमवीआई के स्थानांतरण में चहेतों पर कृपा बरसाने वाले अधिकारी इस मुद्दे पर बात करने से दूर भाग रहे। परिवहन आयुक्त से लेकर सचिव और परिवहन मंत्री तक इस गड़बड़झाले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं। परिवहन आयुक्त,सचिव ने तो फोन ही नहीं उठाया। वहीं मंत्री शीला कुमारी के संपर्क करने की कोशिश की गई तो फोन उठाने वाले ने जवाब दिया-मंत्री जी अभी मुलाकात में व्यस्त हैं। कब फ्री होंगी यह कह नहीं सकते,तभी बात हो सकती है। मंत्री का फोन उठाने वाले शख्स ने कहा वैसे आप विभाग के सचिव से बात कर लीजिए। 

  बेनकाब हुआ परिवहन विभाग!

परिवहन विभाग ने तीन साल पहले 22 जून 2018 को 21 मोटरयान निरीक्षकों का स्थानांतरण-अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया था। विभाग के उस आदेश में 19 वें नंबर पर एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह का नाम था। जिन्हें रोहतास से स्थानांतरण कर पटना पदस्थापित किया गया। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने अपने कार्यों के अतिरिक्त परिवहन मुख्यालय में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया। विभाग के आदेश पर एमवीआई ने तीन सालों तक पटना जिला और परिवहन मुख्यालय का काम देखा। तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद परिवहन विभाग ने 30 जून 2021 को एमवीआई के स्थानांतरण का दूसरा आदेश जारी किया। विभाग के नये आदेश में खास एमवीआई पर फिर से कृपा बरसाई गई। इस बार चहेते एमवीआई को पटना जिला से स्थानांतरित कर गया पदस्थापन किया गया। इसके साथ ही लगे हाथ पटना परिवहन मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। अब आप समझ गये होंगे कि खेल क्या है........दरअसल चहेते एमवीआई को किसी कीमत  पर पटना से बाहर नहीं जाने देना है। लिहाजा फिर से मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। 2018 में पटना के एमवीआई पद पर पदस्थापना के साथ ही एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह को पटना मुख्यालय का प्रभार दिया गया.इस आधार पर कि पटना जिला पदस्थापित किया गया। 2021 में उस सरकारी सेवक का स्थानांतरण गया जिला किया जाता है। लेकिन इस बार पटना वाले एमवीआई को मुख्यालय का प्रभार नहीं दिया गया फिर से उन्हीं को जिसे पटना से गया में पदस्थापित किया गया था पटना मुख्यालय का प्रभार दे दिया गया।

देखिए 2018 का परिवहन विभाग का आदेश 

पटना और गया में एक साथ ड्यूटी!

परिवहन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पटना एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह की सेटिंग काम कर गई। उन्हें भले ही गया पदस्थापित कर दिया गया हो लेकिन अतिरिक्त प्रभार पटना मुख्यालय दे दिया गया।इस तरह से वे पटना में बने रहेंगे। परिवहन विभाग के इस आदेश पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। परिवहन विभाग ने पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह को गया पदस्थापित कर दिया। जबकि साल भर पहले गया में पदस्थापित एमवीआई को वहां से हटा दिया गया है। परिवहन विभाग ने पटना के एमवीआई को मुख्यालय का प्रभार देने की बजाए पटना से गया भेजे गये मृत्युंजय सिंह को ही प्रभार दे दिया। अब वे गया जैसे महत्वपूर्ण जिला और पटना परिवहन मुख्यालय का काम एक साथ देखेंगे। अब समझा जा सकता है कि कोई अधिकारी गया और पटना में ड्यूटी कैसे कर सकता है?

2021 का स्थानांतरण आदेश देखें....


राजद ने इस खुलासे पर सीएम नीतीश को कटघरे में खड़ा किया है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा है कि सुशासन बाबू की है सरकार-भ्रष्टाचार बन गया शिष्टाचार.अवैध वसूली का व्यापार- हजारों करोड़ का है कारोबार ! जय हो नीतीश कुमार! ट्रांसफर-पोस्टिंग में करोड़ों की वसूली! परिवहन विभाग भी हुआ बेनकाब, एक MVI पर 2018 से ही बरसाई जा रही 'कृपा' ।

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