हेलीकॉप्टर, ड्रोन के बाद अब शराब तस्करों को पकड़ने के लिए अब उत्पाद विभाग यह हथियार लेकर आ गया, दूर तक दिख जाएगा सबकुछ

हेलीकॉप्टर, ड्रोन के बाद अब शराब तस्करों को पकड़ने के लिए अब उत्पाद विभाग यह हथियार लेकर आ गया, दूर तक दिख जाएगा सबकुछ

KATIHAR : बिहार में जिस तरह शराब के धंधेबाज अपने धंधे में सप्लाई के लिए नए नए प्रयोग करते हैं, उसी तरह उत्पाद विभाग भी  उन्हें पकड़ने के लिए नए नए उपाए करती रहती है। पिछले साल उत्पाद विभाग शराब के धंधेबाजों को पकड़ने के लिए हेलिकॉप्टर लेकर आई थी। फिर ड्रोन का प्रयोग शुरू कर दिया गया। हर जिले में ड्रोन भी उपलब्ध कराने के साथ उन्हें चलाने के लिए ट्रेनिंग भी दी गई। लेकिन इसके बाद भी बिहार के सीमाओं से दूसरे राज्यों से शराब का धंधा बंद नहीं हो सका। अब उत्पाद विभाग ने शराब के तस्करों पर नजर रखने लिए दूरबीन का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। मतलब लाखों की ड्रोन की कई मेगापिक्सल वाले कैमरे शराब तस्करों को नहीं ढूंढ सके, अब दूरबीन ढूंढेगी।

दरअसल कटिहार के यह इलाका गंगा और महानंदा नदी से झारखण्ड और बंगाल के साथ जुड़ा हुआ है ,ऐसे में इन जल मार्गो से विदेशी शराब की तस्करी के साथ -साथ दियरा में देशी शराब की भट्टी पर रोक लगाना अक्सर प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ रहता है ,इसी पर अब रोक लिए उत्पाद विभाग को अन्य एकुप्मेंट के साथ -साथ दूरबीन भी मिला है, जिसके सहारे दूर  से ही शराब माफियो पर नजरदारी रखते हुए उस पर रोक लगाया जा सकेगा। 

जिले के उत्पाद अधीक्षक केशव कुमार झा ने बताया कि सरकार की तरफ से शराब तस्करों पर निगरानी रखने के लिए टेलीस्कोप और दूरबीन की खरीदारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें फिलहाल दूरबीन की खरीदारी की गई है। इसकी सहायत से दूर्गम और पहाड़ी इलाकों में निगरानी रखने में मदद मिलेगी। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि ड्रोन के प्रयोग से शराब तस्करी पर लगाने में काफी कामयाबी मिली है।

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