ईशान किशन के बाद अब गोपालगंज के मुकेश कुमार दिखाएंगे आईपीएल में अपना जलवा, दिल्ली कैपिटल्स ने लगाई इतने करोड़ की बोली, पिता चलाते थे टैक्सी

ईशान किशन के बाद अब गोपालगंज के मुकेश कुमार दिखाएंगे आईपीएल में अपना जलवा, दिल्ली कैपिटल्स ने लगाई इतने करोड़ की बोली, पिता चलाते थे टैक्सी

DESK : बिहार में खेल सुविधाओं की कमी के बावजूद खेल प्रतिभाएं अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रहे हैं। पटना के रहनेवाले ईशान किशन के बाद गोपालगंज का रहनेवाले मुकेश कुमार आईपीएल में अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरे तरह से तैयार  हैं। जिले के एक छोटे से गांव काकड़कुंड के मुकेश कुमार को 2023 में होने वाले आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने 5.5 करोड़ में खरीदा है. उनकी बेस प्राइस मात्र 20 लाख रुपए थी. बेस प्राइस से साढ़े 27 गुना कीमत ज्यादा देकर दिल्ली ने मुकेश को अपनी टीम में शामिल किया है। जो बताता है कि दिल्ली  की टीम में मुकेश कुमार कितना महत्वपूर्ण माना गया है। 

दक्षिण अफ्रीका के लिए टीम में पहली बार चुने गए 

 इस साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए उन्हें टीम इंडिया में भी चुना गया, हालांकि, मुकेश को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका नहीं मिल पाया. अब दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें खरीदा है और दिल्ली के लिए मुकेश नेट गेंदबाज भी रहे हैं. अब लोग सोशल मीडिया पर मुकेश को बधाई दे रहे हैं. IPL में ही वह अपनी घातक गेंदबाजी से भारतीय और विदेशी क्रिकेटरों को आउट करेंगे।

झारखंड और बंगाल की टीम से खेला रणजी

मुकेश कुमार के आईपीएल में इतनी बड़ी कीमत मिलने से उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है। मानिकपुर गांव के रहने वाले और गोपालगंज के क्रिकेटर अमित कुमार ने कहा कि मुकेश बचपन से ही प्रतिभाशाली थे। यहां पर मुकेश कुमार को क्रिकेट में तेज रफ्तार बॉलिंग के लिए जाना जाता था। बिहार में क्रिकेट की मान्यता नहीं होने की वजह से उन्हें झारखंड और बंगाल के रणजी में शामिल किया गया था। बहरहाल मुकेश कुमार के आईपीएल में शामिल होने से उनके गांव के लोग खासा उत्साहित है। वे मुकेश के बेहतरीन प्रदर्शन को लेकर आशान्वित भी है।

एक थानाध्यक्ष ने पहचानी थी प्रतिभा

अमित ने बताया कि तब गोपालगंज में एक क्रिकेटर थानाध्यक्ष आरके सिंह आये थे. उन्होंने मुकेश की आर्थिक रूप से मदद की और हुनर को पहचान कर आगे बढ़ने का हौसला दिया. सिर्फ मुकेश को ही नहीं जिले के कई क्रिकेटर की थानाध्यक्ष आरके सिंह ने मदद की थी. बिहार में सद्भावना कप की शुरुआत उन्होंने ही किया था। साथ ही खुद ही बिहार टीम बनाए थे। जिसमें मुकेश को खेलने का मौका भी दिए थे। आरके सिंह ने मुकेश के हुनर को देखते हुए अपने मित्र राजेश चौहान के पास जाने की बात कही थी और और गोपालगंज छोड़ कर बाहर निकलने की बात कही थी।

सेना में बहाली के लिए तीन बार की थी कोशिश

बता दें की सेना में जाने के लिए मुकेश ने तीन बार कोशिश की थी और हर बार असफल रहे थे। पूर्व में क्रिकेटर मुकेश का गोपालगंज के भोजपुरवा के पास एक्सीडेंट हो गया। जिसमें मुकेश को काफी चोट आई थी। उस वक्त मुकेश के पिता को लगा की उन्हें यहां रखना ठीक नहीं है, तो उसे कोलकाता बुला लिया। वे वहां खुद की टैक्सी चलाया करते थे। फिर मुकेश अपने पिता के साथ रहते हुए कोलकाता में ही खेलने लगे। आज आईपीएल में दिल्ली केपिटल की टीम में चुने गए हैं।

मुकेश के कैप्टन रहे अमित कुमार बताते हैं कि हम लोगों ने गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में एक टूर्नामेंट करवाया था। जिसमें मुकेश गोपालगंज के सेंट जोसफ स्कूल से खेलने आए थे। टोटल सात मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 35 विकेट लिया था। उसमें उनका एक हैट्रिक विकेट भी था। उनकी प्रतिभा को देख कर उनको आगे के मैच के लिए बुलाया गया। जिसके बाद हेमंत ट्रॉफी टूर्नामेंट में मुकेश का गोपालगंज टीम में चयन हुआ, जो कि बिहार का प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है।


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