बेबी पाउडर से कैंसर का खतरा! हरकत में आई सरकार, जॉनसन के बाद अब दो और कंपनियों के प्रोडक्ट्स की जांच शुरु

बेबी पाउडर से कैंसर का खतरा!  हरकत में आई सरकार, जॉनसन के बाद अब दो और कंपनियों के प्रोडक्ट्स की जांच शुरु

DELHI : अगर आप अपने बच्चों के लिए बेबी पाउडर का इस्तेमाल करते हैं तो आपको सावधान हो जाने की जरुरत है। जांच में सामने आया है कि बेबी पाउडर में इस्तेमाल होने वाले एस्बेस्टस से कैंसर होने का खतरा होता है। इसको लेकर सरकार भी हरकत में आ गई है।  बेबी पाउडर बनाने वाली विश्व की नामी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के उत्पादों में कैंसर कारक एस्बेस्टस होने के बीच अब देश में कार्यरत दो नामी कंपनियां भी शक के घेरे में आ गई हैं। 

हिमालया और चीकू ब्रांड की जांच

सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने देश में बिकने वाले हिमालया व चीकू ब्रांड के बेबी टेल्कम पाउडर, साबुन, शैंपू, क्रीम और लोशन आदि के 200 से अधिक सैंपल की जांच की जा रही है। इन सभी सैंपल में इस बात की जांच की जाएगी कि इनको बनाने में कहीं कैंसर कारक एस्बेस्टस का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है। सभी सैंपल को फिलहाल केंद्रीय जांच प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। सीडीएसओ के एक अधिकारी ने बताया कि जॉनसन के अलावा हम इस बात का पता करना चाहते हैं कि भारत में बिकने वाले बच्चों के सभी उत्पादों और अन्य़ नामी ब्रांडों में एस्बेस्टस न हो। सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट अगले 15 दिन में उपलब्ध हो जाएगी।

जॉनसन बेबी पाउडर पर आरोप

बेबी पाउडर बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन सालों से जानबूझकर कैंसर पैदा करने वाला पाउडर बेच रही है। समाचार एजेंसी रायटर्स ने इस बात का खुलासा किया है कि 1970 से लेकर 2000 तक कंपनी अपने उत्पाद में एस्बेस्टस का प्रयोग करती रही है और इस बात की जानकारी कंपनी में कार्यरत हर व्यक्ति को थी। एस्बेस्टस से कैंसर का खतरा होता है।

ड्रग कंट्रोलर ने लगाई रोक

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कंपनी की मुलुंड (मुंबई) और बद्दी (हिमाचल प्रदेश) स्थित फैक्ट्रियों में अगले आदेशों तक बेबी पाउडर बनाने या पाउडर रॉ मैटीरियल से कोई अन्य उत्पाद बनाने पर रोक लगा दी है।

जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की तरफ से यह निर्देश जारी होने के बाद बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टरों ने दोनों फैक्ट्रियों से बेबी पाउडर के सैंपल लिए थे, जिनमें कैंसर के लिए जिम्मेदार एस्बेस्ट्स की मौजूदगी की जांच की जाएगी। इसके अलावा 100 ड्रग इंस्पेक्टरों की विभिन्न टीमों ने देश भर में करीब 15 स्थानों पर कंपनी के थोक, खुदरा व वितरक एजेंसियों से भी 100 से ज्यादा सैंपल एकत्र किए गए हैं, जिनकी जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार इन कंपनियों के उत्पाद पर रोक लगा सकती है।

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