रिटायरमेंट के बाद बिहार के पूर्व डीजीपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मिली इस विभाग की कमान

रिटायरमेंट के बाद बिहार के पूर्व डीजीपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मिली इस विभाग की कमान

PATNA : पिछले माह बिहार के डीजीपी के पद से रिटायर हुए संजीव कुमार सिंघल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है।  राज्य सरकार ने  संजीव कुमार सिंघल को केंद्रीय चयन पर्षद का अध्यक्ष बनाया गया है। इस संबंध में गृह विभाग की तरफ से शनिवार को एक अधिसूचना जारी कर दी गई है। बतौर अध्यक्ष पूरे तीन साल का इनका कार्यकाल होगा। दरअसल, वर्तमान में केंद्रीय चयन पर्षद के अध्यक्ष केएस द्विवेदी हैं। 20 जनवरी को इनका कार्यकाल खत्म हो रहा है।

केएस द्विवेदी भी बिहार के DGP रह चुके हैं। इस पद से इनके हटते ही संजीव कुमार सिंघल पर्षद के नए अध्यक्ष होंगे। दरअसल, बिहार में सिपाहियों की बहाली का जिम्मा केंद्रीय चयन पर्षद के पास है। सरकार से मिले निर्देशों के आधार पर व समय-समय पर जरूरतों के अनुसार बहाली निकाली जाती है।

विवाद में भी सीएम ने दिया था साथ
बतौर DGP संजीव कुमार सिंघल का कार्यकाल विवादित रहा। गया के तत्कालीन SSP व गिरफ्तारी के डर से फरार IPS आदित्य कुमार पर ये बड़े ही मेहरबान रहे। गया के फतेहपुर थाना में दर्ज शराब कांड के केस को खत्म कराने के लिए जेल में बंद अपने दोस्त अभिषेक अग्रवाल की मदद से आदित्य कुमार ने बड़ी साजिश रची थी। 

पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम पर संजीव कुमार सिंघल को उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर 40 से 50 फर्जी कॉल किए गए थे। इस फर्जी कॉल के आधार पर आदित्य कुमार के खिलाफ दर्ज शराब कांड को पूर्व DGP के आदेश पर खत्म करा दिया गया था।

फर्जी कॉल को लेकर हुई थी किरकिरी

फर्जीवाड़े के इस मामले के बाद संजीव कुमार सिंघल की खूब किरकिरी हुई थी। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इनके आवेदन पर आदित्य कुमार और अभिषेक अग्रवाल समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। पिछले साल जब यह पूरा मामला सामने आया था तब मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछे गए थे कि उन्होंने DGP पर कार्रवाई क्यों नहीं की? जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए छोड़ दिया था कि अब वो रिटायर होने वाले हैं।

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