सात जन्मों के लिए एक-दूसरे के हुए गोलू और रश्मि, फेरों के बाद 800 लोगों ने खाया भोज...

सात जन्मों के लिए एक-दूसरे के हुए गोलू और रश्मि,  फेरों के बाद 800 लोगों ने खाया भोज...

डेस्क... सात फेरों के बंधन में बंध गए गोलू और रश्मि। दोनों ने सात फेरे लेते ही एक-दूसरे के साथ 7 जन्म तक साथ रहने की कसमें भी खाईं। इसका गवाह बने बारात में आए 800 लोग समेत गांव के अन्य सदस्य। हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में एक अजीबो गरीब शादी की। जहां गांव वालों ने एक कुत्ते और कुतिया की शादी पूरी हिंदू रीति रिवाज से कराई। 

हमारे देश में शादी का बड़ा महत्व है। इसे सात जन्मों का साथ माना जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के पुछीकरगुवा गांव एक अजीबो-गरीब शादी हुई, जिसने हर किसी को हैरान और परेशान करके रख दिया। गांव वालों ने एक कुत्ते जिसका नाम गोलू है और एक कुतिया जिसका नाम रश्मि है, उनकी हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई। इस शादी में गांव के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और नाच-गाना भी जमकर हुआ।

दरअसल, मध्य प्रदेश के पुछीकरगुवा गांव के लोग कई दिनों से पानी की कमी से जूझ रहे थे। अपनी परेशानी को दूर करने के लिए उन्होंने कुत्ते और कुतिया की शादी करवाई है। गांव के लोगों का मानना है कि अगर दो मूक जानवरों की शादी करवा दी जाए तो इंद्रदेव खुश हो जाते हैं। 

निवाड़ी जिले के ग्राम पुछीकरगुआ निवासी मूलचंद नायक ने अपनी रश्मि नाम की डॉगी की शादी उत्तर प्रदेश के बकवा खुर्द निवासी अशोक यादव के गोलू नाम के कुत्ते के साथ हिंदू रीति-रिवाज अनुसार कराई गई।द इसके साथ ही मूलचंद नायक और उनके परिजनों द्वारा नम आंखों से डॉगी रश्मि को विदाई की गई।

इतना ही नहीं शादी में 800 लोगों को भोज भी कराया गया था। गांववालों का मानना है कि इस शादी से उन लोगों की पानी की दिक्कत खत्म हो जाएगी। कुत्ते के मालिक अशोक यादव ने बताया कि गांव में पीने के लिए भी पानी नहीं है। 

वहीं, कुत्ते के मालिक अशोक यादव का भी मानना है कि इस शादी से गांव के लोगों की पानी की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव में पीने के लिए भी पानी है। ऐसे में यहां कि महिलाओं बहुत दूर जाकर घंटों लाइन में लगकर पानी लाना पड़ता है। 


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