गिरफ्त में आया रेलवे इंजन को कबाड़ में बेचनेवाला मास्टरमाइंड इंजीनियर, मामला सामने आने के बाद से ही चल रहा था फरार

गिरफ्त में आया रेलवे इंजन को कबाड़ में बेचनेवाला मास्टरमाइंड इंजीनियर, मामला सामने आने के बाद से ही चल रहा था फरार

PATNA : रेलवे की आंखों में धूल झौंककर पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से स्टीम इंजन को कबाड़ में बेचनेवाले इंजीनियर राजीव रंजन झा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। मास्टरमाइंड रेलवे इंजीनियर की गिरफ्तारी नोएडा से की गई है। बताया गया कि वह पिछले छह माह से फरार चल रहा था। हालांकि इस मामले में संवेदक पंकज कुमार ढनढ़निया अब भी फरार चल रहा है। 

राजीव रंजन झा की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए आरपीएफ आईजी एस मयंक ने बताया कि इंजीनियर को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेशी के उपरांत जेल भेजा जाएगा। इस मामले में हेल्पर सुशील यादव ने पूर्व में खगड़िया रेलवे न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। आरपीएफ द्वारा उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के उपरांत कई सुराग मिले थे। छापेमारी के बाद भी लंबे समय तक गिरफ्तार नहीं होने पर आरपीएफ ने आगे की कार्रवाई के लिए खगड़िया रेलवे न्यायालय को फरार घोषित किया था। इसके बाद आरपीएफ ने उसके घर पर इश्तेहार चस्पा किया था। गिरफ्तारी या समर्पण नहीं करने पर तीनों के खिलाफ आरपीएफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जानी है।

क्या है पूरा मामला

मामला समस्तीपुर रेल मंडल से जुड़ा है। जब छह माह पहले 14 दिसंबर 2021 को पूर्णिया कोर्ट स्टेशन में पिछले कई सालों से एक स्टीम इंजन खड़ी थी। इस इंजन को सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने स्क्रैप माफिया से बेच दिया। इसके लिए उसने लोको डीजल शेड के डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर (डीएमई) का फर्जी कार्यालय आदेश का इस्तेमाल किया। जिसके बाद किसी ने इस पर आपत्ती जाहिर नहीं की। यहां तक कि यह भी बताया गया कि इस मामले में आरपीएफ के दारोगा भी शामिल हैं। 

महिला सिपाही कर दिया योजना को फेल

स्टीम इंजन को कबाड़ में बेचने का  काम इतनी सफाई से किया गया कि किसी को इसके बारे में भनक नहीं लगती। यहां तक कि डीजल शेड पोस्ट पर कार्यरत आरपीएफ दारोगा की मिलीभगत से शेड के आवक रजिस्टर पर एक पिकअप वैन के स्क्रैप के अंदर प्रवेश करने संबंधी इंट्री भी करवा दी। लेकिन उस समय ऑन ड्यूटी सिपाही संगीता कुमारी ने इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद पूरे मामले का जांच कराने के बाद इंजन बेचने का पर्दाफाश हो गया।

मच गया था हड़कंप

पूरे मामले का खुलासा होने के बाद रेल महकमा में हड़कंप मच गया था। बाद में पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के आरपीएफ दारोगा एमएम रहमान के बयान पर मंडल के बनमनकी पोस्ट पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें रेलवे इंजीनियर राजीव रंजन झा, हेल्पर सुशील यादव समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था

अनुसंधान के क्रम में आरपीएफ ने इस मामले में स्क्रैप ठेकेदार नीरज ढनढानिया, मुंशी राम पदार्थ शर्मा और ट्रक ड्राइवर शिशुपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं हेल्पर सुशील यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

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