हत्या के आरोप में जिंदगी के दो दशक जेल में गुजारने के बाद कोर्ट ने कहा - आप निर्दोष हैं और कर दिया बरी

हत्या के आरोप में जिंदगी के दो दशक जेल में गुजारने के बाद कोर्ट ने कहा - आप निर्दोष हैं और कर दिया बरी

DESK :  ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को हत्या के उस आरोप में अपनी जिंदगी के 19 साल जेल में गुजारने पड़े, जो कि उसने कभी किया ही नहीं था। जिंदगी के दो दशक जेल में बिताने के बाद आखिरकार पुलिस उनके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण कोर्ट ने उस व्यक्ति को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। 

मामला ओडिशा के मयूरगंज जिले से जुड़ा है। जहां इसी सप्ताह हत्या के आरोप में 19 साल बाद बेगुनाह को जेल से रिहा गया है। जिला कोर्ट ने जिला प्रशासन को सिंधु को सम्मान के साथ रिहा करने का आदेश दिया है।

2003 का है मामला

मामला मयूरभंज जिले के जसीपुर थाना अंतर्गत बलरामपुर ग्राम के निवासी हबिल सिंधु की है. सिंधु को सन 2003 में जिला पुलिस ने काला जादू कर तीन लोगों की हत्या के मामले में आरोपी करार देते हुए उसे गिरफ्तार किया था. सन 2005 में इस मामले में घटना की सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायालय ने सिंधु को तीन लोगों के हत्या का आरोपी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. हालांकि सिंधु ने कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए हाई कोर्ट का सहारा लिया था. जिसके बाद हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता के मद्देनजर सरकारी वकील (एमिकस क्यूरी) द्वारा दोबारा जांच का निर्देश दिया।  जिसके बाद सरकारी वकील ने सिंधु के खिलाफ दायर किया गया मुकदमे के 32 पन्ने की दस्तावेजों को दोबारा जांच किया।

बिना जुर्म 19 साल की जेल सरकारी वकील (एमिकस क्यूरी) ने जांच की पूर्ण रिपोर्ट जिला सत्र न्यायालय को सौंपी. जिसके बाद जिला कोर्ट ने 19 सालों से तीन हत्या के मामले में सजा काट रहें सिंधु को निर्दोष पाया। वहीं इस मामला पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मंगलवार को जिला प्रशासन को सम्मान के साथ सिंधु को रिहा करने का आदेश दिया।

कौन जिम्मेदार

गुनाह नहीं करने के बाद भी जिस तरह से हबिल सिंधू को 19 साल जेल में बिताने पड़े, वह न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। मामले में हबिल के लिए पैरवी करनेवाले वकील अरविंद दास ने बताया कि सिंधु को तीन हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था. उस समय शिकायत के आधार पर जांच की गई थी. ओट्टा ने कहा कि जांच अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ अपना काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंधु अब तक एक दोषी बनकर 19 सालों से जेल की सजा काट रहे थे. इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस दौरान सिंधु को पारिवारिक एवं मानसिक परेशानियों से पीड़ित रहना पड़ा है. 

परिवार ने भी तोड़ दिया  नाता

हत्या के आरोपों के बाद हबिल सिंधू के परिवार के लोगों ने भी उससे अपना संबंध तोड़ दिया। मैं आज बहुत खुश हूं. कोर्ट में मुझे रिहा कर दिया है. मैं 19 सालों तक जेल में समय बिताया हूं जो कि वास्तव में एक लम्बा समय रहा है. सिंधु ने बताया कि मेरा एक परिवार है जो कि मुझे नापंसद करते हैं. मैं अब गांव जाकर खेती करूंगा। वहीं जिस तरह से पुलिस अधिकारियों ने जांच में लापरवाही बरती, उसके बाद सिंधु मानवाधिकार के पास याचिका दायर कर सकते हैं


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