तेजस्वी के दौरे के बाद पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार, मरीज परेशान, हड़ताल पर जाने की ये है वजह

तेजस्वी के दौरे के बाद पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार, मरीज परेशान, हड़ताल पर जाने की ये है वजह

पटना. उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के पीएमसीएच का औचक निरीक्षण करने और डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को फटकार लगाने के कुछ घंटों के बाद ही बुधवार को पुलिसकर्मियों की धमकी के बाद पटना मेडिकल कॉलेज होस्पिटल (पीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है. बुधवार दोपहर से पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार शुरू किया है. जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि डायल हंड्रेड के पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकी दी. यह मामला किसी व्यक्ति के अस्पताल में उपचार के दौरान हुई अव्यवस्था से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. इसी को लेकर आरोप है कि डायल हंड्रेड के पुलिसकर्मियों ने PMCH में जूनियर डॉक्टरों को धमकी दी. इससे गुस्साए जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है. जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. ऑपरेशन, आकस्मिक, आपतकाल और ओपीडी सहित अन्य सभी विभागों से जुड़े जूनियर डॉक्टरों ने इस कार्य बहिष्कार को अपना समर्थन दिया है. डॉक्टर अपने काम से नदारद हैं. उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा और उनके काम में व्यवधान पहुँचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. 

दरअसल, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद तेजस्वी यादव मंगलवार रात अस्‍पतालों का जायजा लेने निकल पड़े। इस दौरान उन्‍होंने तीन अस्‍पतालों का निरीक्षण किया। इनमें पीएमसीएच भी शामिल था। सरकार बनने के बाद पहली बार तेजस्‍वी यादव पीएमसीएच पहुंचे थे। लेकिन बिहार के सबसे बड़े अस्‍पताल पीएमसीएच (PMCH) की व्‍यवस्‍था देखकर वे भौंचक रह गए। मरीजों व स्‍वजनों ने शिकायतों की झड़ी लगा दी। वहां न सीनियर डाक्‍टर थे, न कर्मी और दवाएं। इसपर उन्‍होंने काफी नाराजगी जाहिर की। कहा कि इस मामले में एक्‍शन लिया जाएगा।  इससे पहले तेजस्वी दो दूसरे अस्पताल न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल व गर्दनीबाग अस्पाताल का भी निरीक्षण करने गए। 

पीएमसीएच जाने के बाद उन्‍होंने कई जगह जाकर स्थिति देखी। लेकिन बिहार के सबसे बड़े अस्‍पताल पीएमसीएच (PMCH) की व्‍यवस्‍था देखकर वे भौंचक रह गए। मरीजों व स्‍वजनों ने शिकायतों की झड़ी लगा दी। वहां न सीनियर डाक्‍टर थे, न कर्मी और दवाएं। इसपर उन्‍होंने काफी नाराजगी जाहिर की। कहा कि इस मामले में एक्‍शन लिया जाएगा। इसके बाद वे टाटा वार्ड पहुंचे। वहां की स्थिति देख वे बिफर पड़े। मरीजों व उनके स्‍वजनों से बातचीत की तो उनलोगों ने कई शिकायतें की। 

शिकायत के बाद गए थे निरीक्षण करने : निरीक्षण की बाबत ड‍िप्‍टी सीएम ने बताया कि आज उन्‍होंने पीएमसीएच समेत गर्दनीबाग और गार्डिनर रोड अस्‍पताल का निरीक्षण किया। दो अस्‍पतालों में डाक्‍टर थे, कर्मचारी थे, दवाएं थी। लेकिन मरीज नहीं थे। जब वे पीएमसीएच पहुंचे तो अन्‍य जगहों की स्थिति तो ठीक थी। लेकिन टाटा वार्ड की स्थिति बदतर थी। उन्‍हें शिकायत मिली थी। इसके आधार पर वे निरीक्षण करने पहुंचे थे। जैसी शिकायत मिली थी, वह सही पाई गई। यहां बिहार के कोने-कोने से गरीब मरीज आते हैं। लेकिन उन्‍हें जैसे-तैसे छोड़ दिया गया था। न तो दवाओं की उप‍लब्‍धता थी और सीनियर डाक्‍टर थे। कर्मी भी नहीं मिले। इसके बाद उन्‍होंने अधीक्षक को बुलाया। 

एक्शन की दी चेतावनी : तेजस्‍वी ने कहा कि सभी झूठ बोल रहे थे। उनका झूठ पकड़ा गया। जो लापरवाही बरती जा रही है, उसको लेकर एक्‍शन जरूर लिया जाएगा। वहीं डिप्‍टी सीएम के औचक निरीक्षण से अस्‍पताल में हड़कंप की स्थि‍ति रही। आनन-फानन में डाक्‍टर व कर्मी अस्‍पताल पहुंचने लगे।  अब तेजस्वी के दौरे के कुछ घंटों के बाद ही धमकी का मामला सामने आने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है. 


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