एक तिहाई महिला प्रत्याशी उतारने की घोषणा के बाद प्रियंका गांधी ने चला एक और दांव, अब इन कामकाजी महिलाओं को साधने की कोशिश

एक तिहाई महिला प्रत्याशी उतारने की घोषणा के बाद प्रियंका गांधी ने चला एक और दांव, अब इन कामकाजी महिलाओं को साधने की कोशिश

LUCKNOW : तीन दशक से यूपी की सत्ता से दूर कांग्रेस के लिए जमीन तलाश रही राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी एक के बाद एक चुनावी वादे कर रही है. समाज के हर तबके को साधने के लिए प्रियंका गांधी जी तोड़ मेहनत करती दख रही है. इसी क्रम में अब उन्होंने आशा और अनागबाड़ी वर्कर्स को साधने की कोशिश की है. उन्होंने कहा है कि अगर 2022 में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा।

मुख्यमंत्री से मिलने जा रही आशा  को पुलिस द्वारा रोकने पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार पर हमला बोलै। उन्होंने लिखा, ” यूपी सरकार द्वारा आशा बहनों पर किया गया एक-एक वार उनके द्वारा किए गए कार्यों का अपमान है. मेरी आशा बहनों ने कोरोना में व अन्य मौकों पर पूरी लगन से अपनी सेवाएं दीं. मानदेय उनका हक है. उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य। आशा बहनें सम्मान की हकदार हैं और मैं इस लड़ाई में उनके साथ हूं.”

बता दें प्रियंका गांधी पहले ही इस बात की घोषणा कर चुकी है कि वह आनेवाले विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देगी। यूपी की राजनीति में प्रियंका गांधी का यह बड़ा दांव माना जा रहा है। अब आंगनबाड़ी सेविकाओं के मानदेय 10 हजार करने की घोषणा ने लाखों महिलाओं को अपनी तरफ आकर्षित करने का मौका दे दिया है।

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