पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद नहीं होगी किसी नए योजना की शुरूआत, निर्वाचन आयोग ने जारी किया दिशा-निर्देश

पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद नहीं होगी किसी नए योजना की शुरूआत, निर्वाचन आयोग ने जारी किया दिशा-निर्देश

PATNA : बिहार में जल्द ही पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा की जा सकती है। जिसको लेकर बिहार निर्वाचन आयोग ने संकेत दे दिए हैं। पंचायत चुनाव को लेकर आयोग ने एक दिशा निर्देश जारी किया है, जिसके अनुसार चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ग्रामीण इलाकों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इस दौरान कौन-कौन सी योजनाएं जारी रहेंगी और कौन सी योजनाएं शुरू नहीं हो पाएंगी

इस दिशा-निर्देश के अनुसार नए सिरे से मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना, मुख्यमंत्री गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना, 15वें वित्त आयोग में प्राप्त निधि से पंचायती राज संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाएं और ग्रामीण क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना अगर पूर्व से स्वीकृत है और जिनका कार्यान्वयन शुरू हो गया है उनपर रोक नहीं रहेगी। लेकिन नए सिरे से इन योजनाओं की स्वीकृति एवं पूर्व से भी स्वीकृत परंतु जिस योजना पर काम शुरू नहीं हुआ है उन योजनाओं का कार्यारंभ करने पर पूर्णत: रोक रहेगी। इसके अलावा अन्य सभी नई योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना जिसमें पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका हो, को भी उपर्युक्त सिद्धांत के आधार पर प्रारंभ, क्रियान्वित नहीं किया जाएगा।

एनएच और एसएच के काम पर रोक नहीं
 राष्ट्रीय उच्च पथ एवं राज्य के मुख्य पथों पर काम कराने में कोई पाबंदी नहीं रहेगी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) के अंतर्गत पूर्व से चल रही योजनाओं के कार्यान्वयन पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी। निबंधित लाभार्थियों के लिए वैसी कोई योजनाएं निर्वाची पदाधिकारी को सूचना देकर आरंभ की जा सकेंगी जो स्वीकृत योजनाओं की सूची में पहले से लिस्टेड हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं, राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं आदि से स्वीकृत वित्तीय सहायता के आधार पर योजनाओं को स्वीकृति तथा उनके कार्यान्वयन पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी। आपात योजनाएं जैसे बाढ़ निरोधक योजनाएं, सूखा अथवा अभावग्रस्त क्षेत्र से संबंधित योजनाओं आदि को पंचायत चुनाव के दौरान प्रारंभ करने पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी। 

इन पर लगेगी रोक

बिहार निर्वाचन आयोग के अनुसार विकास योजनाओं से तात्पर्य राज्य के विकास की सामान्य योजनाओं से है न कि किसी समुदाय विशेष से संबंधित विकास योजनाओं से। ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य योजनाओं से मतलब सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युतीकरण, महिला एवं बाल कल्याण इत्यादि से संबंधित योजनाओं से है। किसी विशेष समुदाय के लिए छात्रावास, विद्यालय भवन का निर्माण या अन्य प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं सामान्य विकास की योजनाओं के तहत नहीं आएंगी तथा निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन, शिलान्यास अथवा उद्घाटन पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। इसी तरह आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविका और सहायिका के चयन भी नहीं हो सकेगी, क्योंकि इनमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष भूमिका होती है।

बता दें कि इस माह के अंत तक बिहार पंचायत चुनाव के तारीखों का ऐलान होने की संभावना है, जिसको लेकर बिहार निर्वाचन आयोग ने ईवीएम सहित बैलेट बॉक्स के इंतजाम कर लिए हैं। साथ ही बाकी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।



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