ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज के बाद बोले पूर्व सीएम मांझी, 'राम-कृष्ण को नहीं, सूर्य को मानते हैं'

ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज के बाद बोले पूर्व सीएम मांझी, 'राम-कृष्ण को नहीं, सूर्य को मानते हैं'

पटना. ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद बढ़े विवाद को लेकर आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने पटना में ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज दिया. इस महाभोज के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ लोगों गलत तरीके से मेरे बयान को तूल दे रहे थे. कहा जा रहा था कि मेरे बयान से ब्राह्मण समाज में नाराजगी है. इसको परखने लिए हमने आज ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज दिया. साथ ही उन्होंने मीडिया के सवालों को जवाब देते हुए कहा कि वे राम और कृष्ण को नहीं मानते हैं. वे जो दिख रहा है, उसे मानते हैं. वे भगवान सूर्य को मानते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पटना स्थित अपने आवास पर ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज किया. इस दौरान मांझी स्वयं मांझी दही-चूड़ा परोसते दिखे. वहीं, आयोजन स्थल के बाहर भगवान परशुराम, बाबा साहेब अंबेडकर और माउंटेन मैन दशरथ मांझी की तस्वीर लगाई गई है. इसमें शामिल होकर कई युवकों ने भोज विरोध किया. बताया जा रहा है कि भोज करने का उद्देश्य मांझी के ब्राह्मणों के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी से हुए डैमेज को कंट्रोल करना है.

बता दें कि 18 दिसंबर को पटना में भुइयां समाज के सम्मेलन में मांझी ने कहा था, 'दलित समाज में आजकल सत्य नारायण भगवान की पूजा का प्रचलन काफी तेज हो गया है. जगह-जगह ब्राह्मण जाकर सत्य नारायण भगवान की पूजा कराते हैं. हमारे समाज में ब्राह्मण @#$%... (गाली) जाते हैं, लेकिन खाना नहीं खाते हैं. सिर्फ पैसा लेते हैं.'

इस बयान पर हंगामा होने पर पूर्व सीएम मांझी ने एक बार ब्राह्मणों से माफी मांगी, लेकिन दूसरी बात यह कह दिया कि हम ऐसे ब्राह्मणों से माफी नहीं मांग रहे हैं, जो मीट-मछली और दारू का सेवन करते हैं. मीट-मछली और शराब का सेवन नहीं करते हैं, नके लिए हम भोज का आयोजन करेंगे.


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