कुढ़नी में JDU को मिली करारी हार के बाद पीएम मोदी ने दिया बड़ा संकेत, नीतीश कुमार की बढ़ा दी चिंता

कुढ़नी में JDU को मिली करारी हार के बाद पीएम मोदी ने दिया बड़ा संकेत, नीतीश कुमार की बढ़ा दी चिंता

पटना. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में जदयू की हार के बाद भाजपा में जोरदार उत्साह देखा जा रहा है। सत्ता में रहने के बाद और सात दलों का साथ मिलने के बाद भी नीतीश कुमार की पार्टी के उम्मीदवार को जनता ने नकार दिया तो अब पीएम मोदी ने भी इसे लेकर बड़ी टिप्पणी कर दी। दरअसल, देश में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ-साथ कई उपचुनाव के नतीजे आए हैं। जिस उपचुनाव पर सबसे ज्यादा नजर थी, उसमें बिहार की कुढ़नी सीट भी थी। कुढ़नी सीट पर मुख्य मुकाबला जदयू और भाजपा के बीच था। बिहार में एनडीए गठबंधन से अलग होने के बाद यह पहला अवसर था, जब भाजपा और जदयू आमने-सामने थी। इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता ने जीत हासिल की है। उन्होंने जदयू उम्मीदवार मनोज सिंह कुशवाहा को हराया है। 

इस जीत के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कुढ़नी में खुद नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव प्रचार करने पहुंचे थे। दोनों नेताओं की ओर से पूरा जोर भी लगाया गया था। बावजूद इसके भाजपा ने यहां से जीत हासिल करने में कामयाबी पाई है। इसके बाद अब भाजपा जबरदस्त तरीके से नीतीश कुमार पर हमलावर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम में भाजपा कार्यालय में अपने संबोधन के दौरान बिहार में भाजपा की कुढ़नी सीट पर मिली जीत का विशेष तौर पर जिक्र किया। अपने बयान में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आने वाले दिनों का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि बिहार के उपचुनाव में भाजपा का प्रदर्शन आने वाले दिनों का स्पष्ट संकेत कर रहा है। 

भाजपा को मानना है कि कुढ़नी में मिली जीत के बाद बिहार में यह साबित हुआ है कि नीतीश कुमार का एनडीए से नाता तोड़ना एक बड़े वर्ग को रास नहीं आया है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन इस मायने में भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि हाल में ही बिहार के 2 सीटों पर उपचुनाव हुए थे। गोपालगंज सीट को भाजपा जीतने में कामयाब रही थी। वहीं, बाहुबली अनंत सिंह के इलाके मोकामा में भी भाजपा ने कड़ी चुनौती पेश की थी। यह पहला मौका था जब भाजपा वहां मजबूती से चुनाव लड़ रही थी। 

तीनों विधानसभा उपचुनाव में इतना जरुर देखा गया कि भाजपा ने महागठबंधन की चिंता बढ़ा दी है. पहले मोकामा में भाजपा ने अपने बलबूते राजद को कड़ी टक्कर तो गोपालगंज में बीजेपी की जीत हुआ। अब कुढ़नी में मिली जीत से भाजपा नेताओं का मानना है कि यह राज्य में भाजपा की मजबूत होती पकड़ का संकेत है। इसका फायदा लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा लेना चाहेगी। अगर लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रभावशाली प्रदर्शन रहा तो यह 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। यही कारण है कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कुढ़नी में भाजपा को मिली जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगा है। 


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