उधर राजद के पूर्व एमएलसी के बेटे की गुंडागर्दी, इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुलाई कानून व्यवस्था पर बैठक

उधर राजद के पूर्व एमएलसी के बेटे की गुंडागर्दी, इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुलाई कानून व्यवस्था पर बैठक

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को राज्य के वरीय अधिकारियों के साथ पटना में विधि व्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर बैठक कर रहे हैं. राज्य में लॉ एंड आर्डर यानी कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को लेकर मुख्यमंत्री की यह बैठक, पटना के एक अने मार्ग में चल रही है. राज्य में कानून व्यवस्था की खामियों को गिनाकर विपक्षी दल भाजपा लगातार सरकार पर हमलावर है. पिछले एक महीने के दौरान सरकार को भाजपा ने जिस मुद्दे पर सबसे ज्यादा घेरा है वह कानून व्यवस्था ही है. पटना सहित राज्य के अन्य जिलों में हत्या सहित अन्य अपराधिक मुद्दों पर भाजपा आक्रामक बनी हुई है. ऐसे में नीतीश कुमार की इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. इस बैठक में मुख्य सचिव, DGP भी मौजूद हैं. 

नीतीश कुमार ने 9 अगस्त को महागठबंधन के 7 दलों को साथ में लेकर सरकार बनाई थी. वे मुख्यमंत्री बने जबकि तेजस्वी यादव ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. हालांकि पिछले एक महीने में कई ऐसे वाकये हुए जिस पर भाजपा ने सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा है. अब इसी को लेकर नीतीश कुमार यह अहम बैठक कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार इसमें पिछले एक महीने के दौरान घटित मामलों की प्रकृति और आने वाले समय में कैसे बेहतर कानून व्यव्य्स्था को बनाए रखा जाए इस पर बात होगी. मुख्यमंत्री कुछ महत्वपूर्ण दिशा निदेश भी दे सकते हैं. 

गौरतलब है कि पटना के पीरबहोर पुलिस पर गुरुवार रात हमले के आरोप में स्थानीय दुकानदार सरफराज को पकड़ने से नाराज वार्ड नंबर 40 के पार्षद असफर अहमद ने शुक्रवार रात थाने में घुसकर डीएसपी और थानेदार से धक्कामुक्की की और धमकी दी. मामले में देर रात वार्ड पार्षद और दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं वार्ड पार्षद के पिता व राजद के पूर्व एमएलसी अनवर अहमद को छोड़ दिया गया है. इस घटना के बाद अब नीतीश कुमार कानून व्यवस्था को लेकर बैठक कर रहे हैं. 

हालांकि नीतीश सरकार ने पिछले एक महीने में कानून का राज है, इसे साबित करने के लिए एक दिन पूर्व ही पुलिस का एक डेटा आया था. बिहार में चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत इस वर्ष के सात महीनों में 41 हजार 983 गिरफ्तारी हुई है. ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत गठित बज्र टीम के द्वारा इस साल जनवरी 2022 से 41 हजार 983 गिरफ्तारी की गई. वहीं अगस्त महीने में 8301 गिरफ्तारी हुई है. जहाँ पहले सात महीने में औसत गिरफ्तारी प्रति महीने 5997 रही वहीं अगस्त महीने में गिफ्तारी का आंकड़ा 38 प्रतिशत बढ़ गया. यानी पिछले एक महीने के दौरान केवल बज्र टीम द्वारा 8301 गिरफ्तारी की गई है. 


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