विधान परिसर, दरभंगा समाहरणालय के बाद अब इस जिले के डीएम कार्यालय में मिली शराब की बोतल, एक दिन पहले मद्य निषेध के मुख्य सचिव ने की थी बैठक

विधान परिसर, दरभंगा समाहरणालय के बाद अब इस जिले के डीएम कार्यालय में मिली शराब की बोतल, एक दिन पहले मद्य निषेध के मुख्य सचिव ने की थी बैठक

सवाल क्या इसके पीछे चल रही है साजिश

MUZAFFARPUR : बिहार में अब तक होटलों, ढाबों और गाड़ियों से ही शराब की बोतलें बरामद की जाती थी, लेकिन जब से बिहार के मुख्यमंत्री ने यहां के मंत्रियों, विधायकों, कर्मचारियों व अधिकारियों को शराब सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई है। ऐसे - ऐसे जगहों से शराब की बोतलें बरामद की जा रही है, जहां पिछले पांच साल में शायद ही कभी ऐसी घटना हुई थी। स्थिति यह हो गई है कि बिहार के डीजीपी सहित पुलिस के अधिकारी, कर्मी अब अपराधियों को कम और शराब की बोतलें ढूंढने में ज्यादा व्यस्त नजर आते हैं। 

शीतकालीन सत्र के दौरान विधान परिसर में शराब की बोतलें मिली, अगले दिन दरभंगा डीएम कार्यालय परिसर में भी शराब की खाली बोतलें बरामद की गई। अब अंखफोड़वा कांड के कारण चर्चा में चल रहे मुजफ्फरपुर जिले के डीएम कार्यालय में भी शराब की चार खाली बोतलें फेंकी हुई पाई गई। यह तब है जब एक दिन पहले ही मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक यहां बैठक करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जिले के डीएम व एसपी को दिए थे। इसके बाद भी अब यहां यह बोतलें कौन छोड़ गया। यह बड़ा सवाल हो गया है।

मुजफ्फरपुर समाहरणालय से शराब की बोतलें मिलने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया है और जांच की जा रही है. पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आस-पास के जगहों में भी जांच कर रही है. मौके पर पहुंचकर आस-पास के जगहों में भी जांच कर रही है. एसआई अमर राज ने बताया कि कल तक सबकुछ सामान्य था. किसी ने रात में ये बोतल यहां रखी है। 

उन्होंने बताया कि पुलिस ने शराब की चार खाली बोतलों को बरामद किया है. पुलिस ने परिसर से 180ml की 4 खाली बोतलें बरामद की. मुजफ्फरपुर समाहरणालय में स्थित धरना स्थल के पास ये बोतले मिली है. यह जगह डीएम कार्यालय और एसएसपी कार्यालय के बीच में स्थित है।

छवि खराब करने के लिए यह सबकुछ

जिस तरह से तीन दिन की अवधि में पहले विधान परिसर, फिर दरभंगा समाहरणालय और मुजफ्फरपुर समाहरणालय में शराब की बोतलें बरामद की गई, वह चौंकानेवाली है। क्योंकि यह ऐसी जगह है, जो बेहद सम्मानित है। ऐसी जगहों पर शराब की बोतलें मिलने का मतलब सरकार और प्रशासन के काम पर सवाल उठाना है। सवाल उठाना है कि क्या यह सब इसी के लिए किया जा रहा है, ताकि सरकार और प्रशासन की छवि खराब हो या वास्तव में बिहार के सरकारी नुमाइंदे शराबबंदी को नाकाम करना चाहते हैं।


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