एफआईआर कब? न्यूज4नेशन की खबर के बाद सुशासन राज में 'फिरौती' वसूल रहे 'थानेदार को सिर्फ निलंबित कर छोड़ दिया

एफआईआर कब? न्यूज4नेशन की खबर के बाद सुशासन राज में 'फिरौती' वसूल रहे 'थानेदार को सिर्फ निलंबित कर छोड़ दिया

MOTIHARI : न्यूज़4 नेशन खबर का बड़ा असर हुआ है। न्यूज़ 4 नेशन पर कल मोतिहारी पचपकड़ी ओपी थाना के थानेदार की करतूत की  खबर दिखाने पर एसपी ने कार्रवाई की है । मोतिहारी एसपी डॉ कुमार आशीष ने पचकड़ी ओपी के थानेदार विक्रांत सिंह व जमादार बीडी सिंह को न्यूज4नेशन की खबर के बाद निलंबित कर दिया है। मामले मेें एसपी ने यह भरोसा दिया था कि जांच में अगर पैसे वसूले जाने की पुष्टि होती है तो आरोपी थानेदार के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।अब थानेदार के खिलाफ जो आरोप लगे थे उसकी पुष्टि होने के बाद आरोपी थानेदार एवं जमादार को निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि थानेदार के खिलाफ एफआईआर कब दर्ज की जाएगी। पीड़ित ने थानेदार-जमादार और एक दलाल के खिलाफ केस दर्ज करने का आवेदन पुलिस अधीक्षक को दिया था। उसी आवेदन के आधार पर जांच हुई है। 

थानेदार-जमादार और दलाल पर दर्ज हो केस 

मामला बिहार के पूर्वीचंपारण जिले की है। पचपकड़ी ओपी के थाना प्रभारी विक्रांत सिंह और जमादार बीडी सिंह पर 9.5 लाख रू फिरौती वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित व्यक्ति ने पचपकड़ी के थाना प्रभारी विक्रांत सिंह जमादार बीडी सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है। थानेदार पर केस दर्ज करने वाले शिकायती पत्र में कहा गया है कि 10 जुलाई 2022 को हम अपने घर पर थे .इतने में पचपकड़ी ओपी के जमादार बीडी सिंह दल-बल के साथ पहुंचे। उन्होंने मेरा नाम पूछा और कहा कि आपको बड़ा बाबू बुलाए हैं. आप थाने चलिए. वह हमें हिरासत में लेकर थाने ले आए. पूरी रात मुझे थाने में रखा गया. फिर 11 तारीख की सुबह मुझसे बोला गया कि आप अपने पुत्र मो. हाशिम को फोन से यहां बुलाएं. जमादार ने भी मेरे पुत्र से बात किया और कहा कि थाने पर आइए कुछ पूछताछ करनी है. 1 घंटे के बाद मेरा पुत्र भी थाने पर आया. उसी समय पुत्र को भी कस्टडी में ले लिए

पहले 15 लाख की डिमांड,9.5 लाख पर फाइनल 

थानेदार विक्रांत सिंह ने कहा कि मैनेज करो नहीं तो जेल भेज देंगे. इसके बाद खोरीपाकर के लाल बाबू सिंह(दलाल) के बारे में कहा गया कि वे इनसे बात कर लें. वे वहीं बैठे थे. फिर लाल बाबू से मेरे पास आए और कहा कि मैनेज करो नहीं तो जेल जाना पड़ेगा. लाल बाबू  सिंह ने 15 लाख रुपए मांगे. कहा कि इतना रुपया दोगे तो तुम्हें छोड़ दिया जाएगा. हमने पूछा मुझे किस जुर्म में जेल भेजा जाएगा. मैं इतने रुपए कहां से लाऊंगा. उसके बाद थाना प्रभारी तथा जमादार ने 9.5 लाख पर बात फाइनल किया. इन लोगों ने मेरे परिवार वालों से बात किया. इसके बाद मेरे भाई एवं पुत्र थाना पर पैसे लेकर आए. फिर थाना प्रभारी ने किराए के आवास में मुझे और मेरे पुत्र को बुलाया और 9.5 लाख की गिनती लालबाबू सिंह से कराई। उसने यह रुपया रख लिया. फिर थाने पर लाकर हम पिता-पुत्र को एक सादे कागज पर लिखवाया गया कि शंका के आधार पर पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया था. थाना प्रभारी ने यह भी हिदायत दी किसी को बताओगे तो जेल भेज देंगे।

एसपी से हुई थी शिकायत

मामले में पीड़ित ने एसपी को आवेदन देकर थानेदार,जमादार व दलाल पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। एसपी ने मुख्यालय एएसपी से पूरे मामले की जांच करवाई थी. जिसमें मामले में थानेदार  के खिलाफ लगाए गए तमाम आरोप सही साबित हुए। जिसके बाद  पचकड़ी ओपी के थानेदार विक्रांत सिंह व जमादार बीडी सिंह को निलंबित कर दिया। ओपी अध्यक्ष पर पुलिस अधिकारी के रूप में विधि के प्रावधानों के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का अभाव, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही एवं कार्य में मनमानेपन के गंभीर आरोप में यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। लेकिन इस दौरान एसपी ने यह भी भरोसा दिया था  कि अगर आरोप सही होंगे तो थानेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से जिले के तमाम थानों में हड़कंप मच गया है।


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