बिहार प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष के बाद अब बदला जाएगा विधायक दल का नेता, जानिए रेस में कौन-कौन हैं आगे...

बिहार प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष के बाद अब बदला जाएगा विधायक दल का नेता, जानिए रेस में कौन-कौन हैं आगे...

MUZAFFARPUR : कांग्रेस में इन दिनों अपनी जनाधार बढ़ाने को लेकर मुख्य पदों पर विराजमान कांग्रेसी नेता को बदलने की कवायद तेजी पर है। बता दें कि बिहार में प्रदेश अध्यक्ष के बाद अब कांग्रेस विधायक दल के नेता भी बदले जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक विधायक दल के नेता बनने में 3 नाम रेस में सबसे आगे चल रहे है जिसमें अनुभवी विजय शंकर दुबे हैं, तो वही जातीय समीकरण साधने में विजेंद्र चौधरी आगे। इसके साथ ही बिहार कांग्रेस प्रभारी की पसंद राजेश कुमार (राम) है। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेसियों की नजर पार्टी के आलाकमान पर है। बताते चलें कि कांग्रेस का अगला विधायक दल का नेता कौन विजय शंकर दुबे, विजेंद्र चौधरी या राजेश राम हो सकते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद पर राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह की नियुक्ति के बाद अब प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नए नेता की खोज शुरू हो गई है। दरअसल बिहार के जातीय समीकरण के हिसाब से प्रदेश अध्यक्ष और सीएलपी लीडर दोनों एक ही जाति से है यानी कि भूमिहार जाति से आते हैं।

यही वजह है कि राज्यसभा सांसद एवं नए प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह की इस नियुक्ति के बाद सीएलपी लीडर अजीत शर्मा का पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है। ऐसे में नए सीएलपी लीडर की खोज शुरू हो गई है। गौरतलब है कि अभी कांग्रेस के बिहार में 19 विधायक है।  इन 19 विधायकों में प्रमुख दावेदार पहले नंबर पर छठी बार विधायक बने विजय शंकर दुबे का नाम सामने सबसे आगे आ रहा है, जो वर्ष 2000 से 2005 की अवधि में सीएलपी लीडर रह चुके हैं। उसी अवधि में वह तत्कालीन रावड़ी सरकार में मंत्री भी थे, जो जाति से ब्राह्मण है। प्रदेश अध्यक्ष से हटने वाले मदन मोहन झा भी ब्राह्मण है। ऐसे में विजय शंकर दुबे की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। हालांकि दुबे समर्थकों का मानना है कि 70 साल की उम्र पार कर चुके दुबे राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री बनने की रेस में भी है।

दूसरे नंबर पर पांचवी बार मुजफ्फरपुर नगर से विधायक बने और राष्ट्रीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी का नाम भी सामने आ रहा है। बता दें कि विजेंद्र चौधरी अखिलेश सिंह के समर्थकों में से एक है जो जाति से कलवार यानी की वैश्य समाज से आते हैं। ऐसे में इनके बनने से पिछड़ा समुदाय की भागीदारी मजबूती होगी और अखिलेश सिंह को अपने मन मुताबिक बिहार में टीम खड़ा करने में आसानी होगी। हालांकि अखिलेश सिंह के कट्टर समर्थकों में इनका नाम सामने आने से विरोध भी अन्य कांग्रेसी मजबूती से कर सकते हैं। वही तीसरे नंबर पर रेस में चल रहे दूसरी बार विधायक बने राजेश राम उर्फ राजेश कुमार का नाम भी कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास की चली तो इनका CLP लीडर बनना तय माना जाता है। दास इनको प्रदेश अध्यक्ष बनवाना चाहते थे, पर असफल रहे।

अंततः राजेश राम को उपमंत्री का दर्जा वाला पद दिलाते हुए विधानसभा में सत्तारूढ़ दल का सचेतक बनवा दिया है।  लेकिन प्रभारी अभी राजेश राम को सीएलपी लीडर बनवाने की कोशिश में लगे हैं। इसके साथ वैसे दो बार विधायक और सबसे युवा विधायक आनंद शंकर सिंह और 50 साल की उम्र पार कर चुके अकलियत समुदाय के आने वाले शकील अहमद खान भी सीएलपी लीडर बनने की दौड़ में उनका भी नाम सामने आ रहा है। अब देखना होगा कि आखिर कांग्रेस की ओर से बिहार में कांग्रेस विधायक दल का नेता किसे चुना जाता है। हालांकि बिहार में इसको लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुजफ्फरपुर से अरविन्द अकेला की रिपोर्ट

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