जेडीयू के निशाने पर अरुण कुमार, नेताओं ने पत्र लिखकर इन सवालों का मांगा जवाब

 जेडीयू के निशाने पर अरुण कुमार, नेताओं ने पत्र लिखकर इन सवालों का मांगा जवाब

PATNA : बिहार की राजनीति में इनदिनों एक नया दौर शुरु हुआ है। टेक्नोलॉजी वाले इस युग में अब नेता चिट्टी लिखकर अपने विपक्षी पर प्रहार और सवाल-जवाब कर रहे है। 

हालांकि इसकी शुरुआत राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की ओर से की गई, लेकिन धीरे-धीरे सभी दलों द्वारा इसे अपना लिया गया है। 

जेडीयू चिट्टी के माध्यम से अपने विपक्षी पर लगातार हमलावर है। राजद के बाद अब उसके निशाने पर कभी पार्टी के सदस्य रहे राष्ट्रीय समता पार्टी (सेक्युलर) के नेता व जहानाबाद के निवर्तमान सांसद और लोकसभा प्रत्याशी अरुण कुमार है।  

जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार समेत कई अन्य नेताओं ने उनके नाम खुला पत्र जारी करते हुए उनसे इन सवालों का जवाब मांगा है। 

पत्र लिखा गया है डॉ. अरूण कुमार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि

1.क्या यह सही नहीं है कि 2014 लोकसभा चुनाव जीतने के बाद क्रम संख्या 392 शैक्षणिक सत्र 2015-16 दिनांक 18 मई 2015 को सेनारी कांड के मुख्य अभियुक्त रमेश यादव, गांव-सुकुल बिगहा (कुरथा), जिला अरवल के सुपुत्र का कक्षा नौ में सांसद कोटे के तहत नामांकन करवाया।

2.अगर यह आरोप सही है, तो मुकदमा संख्या - 22/99 थाना करपी जो सेनारी नरसंहार से संबंधित है, जिसकी सुनवाई त्वरित न्यायालय नं-2 में चल रहा है, जिसके मुख्य अभियुक्त रमेश यादव को उपकृत किया ही, अन्य अभियुक्त नाथुन यादव जो अब तक फरार है, को भी संरक्षण दे रहे हैं, जिससे मुकदमे का निष्पादन बाधित है।

3.क्या यह सही नहीं कि सांसद अरूण कुमार अपने साथ सांसद पप्पू यादव जिनपर 31 मुकदमे दर्ज है, को अपने रोड शो में शामिल कर राजनीति के लंपटीकरण को संरक्षण दे रहे है।

4.क्या यह सही नहीं है कि लोग सेनारी-मझियांवा सड़क निर्माण के लिए सांसद   योजना से अनुरोध करते रहे, परंतु 25 करोड की सांसद  योजना में सेनारी कांड के मुख्य अभियुक्त रमेश यादव के गांव सुकुल बिगहा में तो सांसद निधि की राशि दी गई परंतु सेनारी के ग्रामीणों को इससे वंचित कर दिया गया।

एक तरफ महागठबंधन के उम्मीदवार सुरेंद्र यादव पर कई अपराधिक मामले दर्ज है तो दूसरी तरफ तेजस्वी के राजनीति ’पोसपुत्र’ बनने की अकांक्षा सांसद डॉ. अरूण कुमार पाले हुए हैं। ऐसे में जहानाबाद के प्रबुद्ध मतदाताओं से आग्रह है कि जिसने 2014 लोकसभा चुनाव में वोट लेकर अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष में ही सेनारी कांड के मुख्य अभियुक्त रमेश यादव एवं उसके गांव सुकुल बिगहा, थाना -करपी, जिला-अरवल को उपकृत कर राजनीतिक एवं सामाजिक ’राजनीतिक वंशाघाती’ का निकृष्ट   राजनीतिक उदाहरण पेश किया है। ऐसे में स्वभाविक है कि जिस तरह ये मुख्य अभियुक्त को उपकृत कर रहे हैं, वैसे में यह तय है कि सेनारी कांड के सह अभियुक्त नाथुन यादव की फरारी में भी इनकी भूमिका होगी, जिससे सेनारी के पीडितों को न्याय नहीं मिल सके।

ऐसी स्थिति में 52 नरसंहार का जहानाबाद, अरवल के प्रबुद्ध मतदाता महागठबंधन के लालू प्रसाद की चालाकी को समझेंगे और इनके मंसूबे को नेस्तनाबूद करेंगे, यहीं सेनारी कांड के मृतकों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

नोट:- दस्तावेज संलग्न

आपका

1.नीरज कुमार, सदस्य विधान परिषद सह प्रदेश प्रवक्ता जदयू

2.राजीव नयन सिंह, जिला अध्यक्ष, जदयू

3. पूनम सिन्हा, जिला अध्यक्ष, भाजपा

4. कुंदन सिंह, जिला अध्यक्ष, लोजपा

कुंदन की रिपोर्ट

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