दो साल बाद मूर्तिकारों के चेहरे पर लौटी रौनक : बिहार के मिनी कोलकात्ता में उत्साह के साथ प्रतिमाओं को अंतिम रूप में देने नें जुटे

दो साल बाद मूर्तिकारों के चेहरे पर लौटी रौनक : बिहार के मिनी कोलकात्ता में उत्साह के साथ प्रतिमाओं को अंतिम रूप में देने नें जुटे

KATIHAR : पिछले दो साल से देश में सारे धार्मिक कार्यक्रम पर रोक लगी हुई थी। इसका एक बड़ा प्रभाव उन मूर्तिकारों पर पड़ा था, जिनके रोजगार का मुख्य जरिया ही प्रतिमा का निर्माण करना था। 2020 में जिस तरह से त्योहारों पर रोक लगी थी, खासकर दशहरा जैसे बड़े पर्व में भी इस परिवारों के पास कोई काम नहीं था। लेकिन  2021 के दशहरा ने एक बार फिर इन मूर्तिकारों को व्यस्त कर दिया है। मूर्तिकार खुश हैं और उत्साह के साथ मां की प्रतिमा बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

शुरुआत में कोरोना के कहर का असर दुर्गा पूजा के आयोजन पर भी दिख रहा था मगर इस बार बेहतर वैक्सीनेशन प्लानिंग और प्रशासनिक दिशा निर्देश के साथ दुर्गा पूजा के आयोजन धूमधाम से हो रहा है। ,इस बीच दुर्गा पूजा के आयोजन से जुड़े पूजा समिति के लोग और खासकर दुर्गा प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार बेहद खुश है, प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार कहते हैं कि निश्चित तौर पर बेहतर वैक्सीनेशन होने के कारण कोरोना को लेकर लोगों के मन में कुछ खौफ भी घटा है, जिस लिए  लोगों के मन में उत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है।

इस बीच दुर्गा पूजा के मामले में बिहार के मिनी कोलकाता कहे जाने वाले कटिहार में वैक्सीनेशन के सहारे कोरोना पर वॉर के बाद हो रहे दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर पूजा समिति से जुड़े लोग और मूर्तिकारों में उत्साह दिख रहा है। हालांकि प्रतिमा निर्माण से जुड़े कारीगरों का कहना है कि इस बार स्थिति पिछले साल की तुलना में थोड़ी बेहतर हुई है। लेकिन प्रतिमाओं की कीमत में कमी आई है. जबकि उसके सजावट के सामान की कीमत में 10-15फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।


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