NAUGACHHIA : बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एक बड़ा कारनामा सामने आया है। बताया जाता है कि नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत एमबीबीएस चिकित्सक डॉ ब्रजेश कुमार के बदले आयुष चिकित्सक डॉ देवव्रत कुमार लगभग डेढ़ महीने से उनकी जगह ड्यूटी कर रहे थे और रजिस्टर पर उनकी हाजिरी भी बना रहे थे तथा व्यापक पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर बायोमेट्रिक तरीके से भी फर्जी हाजिरी डॉ ब्रजेश कुमार के बदले डॉ देवव्रत कुमार ही बना रहे थे।
मरीजों के चेकअप के साथ लिखते थे अंग्रेजी दवाएं
इसकी भनक जब स्थानीय मीडियाकर्मियों को लगी तो सारा माजरा सामने आ गया और परत-दर-परत पोल खुलने लगी। जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आयी है कि डॉ ब्रजेश कुमार और डॉ देवव्रत कुमार में एक डील भी हुई थी। जिसमें दोनों के बीच ड्यूटी करने को लेकर आपसी तालमेल बनी। जबकि आयुष चिकित्सक डॉ देवव्रत कुमार एमबीबीएस चिकित्सक डॉ ब्रजेश कुमार के बदले ड्यूटी ही नहीं करता था। बल्कि मरीजों को एलोपैथिक तरीके से दवाई भी लिखता था। जो कहीं ना कहीं मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ भी किया जा रहा था।
जांच में एक बात और सामने आयी है कि अस्पताल के उपाधीक्षक भले ही बदल गये लेकिन किसी ने यह रोकने की कोशिश नहीं कि क्योंकि यहां बड़े लेवल पर सेटिंग-गेटिंग का खेल किया गया था।
वहीं जब मीडियाकर्मियों ने नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ बी दास से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने डॉ ब्रजेश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही डॉ ब्रजेश कुमार के अस्पताल आने की बात कही और कहा कि इसमें फर्जी तरीके से हाजिरी बनाने की जानकारी मिली है। इसकी जांच की जाएगी और डॉ ब्रजेश कुमार के खिलाफ शोकॉज भी पूछा जाएगा और उनका वेतन काटा जाएगा।
लेकिन नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल के इस कारनामे ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।