कांग्रेस में अपना विलय कर लें सभी क्षेत्रीय और छोटी पार्टियां, क्या मानेंगे लालू प्रसाद और नीतीश कुमार

कांग्रेस में अपना विलय कर लें सभी क्षेत्रीय और छोटी पार्टियां, क्या मानेंगे लालू प्रसाद और नीतीश कुमार

PATNA : बिहार में अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश में लगी कांग्रेस ने सभी क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों को सुझाव दिया है कि वह अपना देश की सबसे पुरानी पार्टी में कर लें। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा है कि भाजपा को हराने के लिए सबको एक छतरी के नीचे आना होगा, वह छतरी है कांग्रेस। ऐसे में सवाल यह है कि क्या राजद और जदयू कांग्रेस की इस सुझाव को मानेंगे

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश को  बर्बाद कर रही भाजपा से लड़ना है सभी को कांग्रेस का हाथ मजबूत करना होगा। जिसके लिए जरुरी है कि सभी क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों का विलय कांग्रेस में हो। अगर विलय नहीं कर सकते हैं तो कांग्रेस को भरोसेमं एक मजबूत गठबंधन देना होगा। असित नाथ तिवारी ने कहा कि ऐसे सिर्फ भाजपा का विरोध करने से काम नहीं चलेगा। इससे कुछ फायदा नहीं होनेवाला है। इस दौरान उन्होंने उन्होंने औवेसी की चर्चा करते हुए उनकी तरह सिर्फ दिखावे के लिए भाजपा का विरोध नहीं करें, नहीं तो जनता कहीं का नहीं छोड़ेगी।

क्या मानेंगे राजद और जदयू

एक तरफ कांग्रेस यह मानती है कि भाजपा को हराने की क्षमता सिर्फ उनके पास ही है, जिसके लिए वह क्षेत्रीय पार्टियों को कांग्रेस में विलय करने का सुझाव दे रही है। वहीं सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार को कांग्रेस का यह सुझाव पसंद आएगा। क्योंकि जदयू इसी बात को लेकर भाजपा से अलग हुई थी कि उन्हें डर था कि भाजपा उनकी पार्टी का विलय अपने में न कर ले। साथ ही जदयू नीतीश कुमार को देश का अगला पीएम मान रही है। इसलिए जदयू को कांग्रेस का सुझाव शायद ही पसंद आए

वहीं राजद के साथ भी ऐसी स्थिति ही है। एक दिन पहले ही पार्टी की बैठक में राजद ने अपने संविधान में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें पार्टी में टूट या विलय से बचाने के लिए तेजस्वी यादव को सारे अधिकार दे दिए गए हैं कि वह सारे फैसले ले सकते हैं। यहां बताना जरुरी है कि लालू प्रसाद का रिश्ता जितना बेहतर कांग्रेस से रहा है, उतना तेजस्वी के साथ नहीं है। ऐसे में इस बात की संभावना न के बराबर नजर आती है।


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