लुटेरे बन गए हैं नीतीश सरकार के तमाम अफसर, स्थिति लालू राज के जंगल राज से भी बद्तर, मौजूदा सरकार पर फिर हमलावर हुए पीके

लुटेरे बन गए हैं नीतीश सरकार के तमाम अफसर, स्थिति लालू राज के जंगल राज से भी बद्तर, मौजूदा सरकार पर फिर हमलावर हुए पीके

DESK : बिहार में जन सुराज यात्रा पर निकले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से नीतीश सरकार के काम पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि लोगों को लालू राज के जंगल राज की यादें अभी भी ताजा है। लोग लालू राज की कंपेयर मौजूदा नीतीश सरकार से करते हैं तो पाते हैं कि स्थिति पहले से भी ज्यादा भयावह हो चुकी है। अंतर बस इतना है कि लालू राज में अपराधियों का बोलबाला था, अब उनकी जगह नीतीश सरकार के अफसरों ने ले ली है। अब नीतीश कुमार के अफसर ही लुटेरे बन गए हैं। 

चंपारण पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा लालू के कालखंड से बुरा हाल आज हो चुका है। सारे विभागों में भ्रष्टाचार कायम है। इंदिरा आवास योजना और अन्न योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। इंदिरा आवास, जिसे पीएम आवास कहा जाता है। हर गांव में गरीबों को इसका लाभ दिया जाना है। लेकिन कोई गांव ऐसा नहीं है, जहां लाभुकों को इसका लाभ लेने के लिए 25-30 हजार रुपए घूस में नहीं देना पड़ा हो।

चंपारण की स्थिति को बताया दयनीय

प्रशांत किशोर ने चंपारण की स्थिति को दयनीय बताया। दलित महादलित इलाकों में स्थिति इतनी विकराल है कि कई घरों में सोने के लिए चौकी खटिया भी नहीं है। बरसात में चार महीने अगर घर में पानी घुस गया तो उनके सोने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह सब मैनें खुद देखा है। यह तब है जब दलित महादलित के विकास के दावे कर मौजूदा सरकार 15 साल से भी ज्यादा समय से सत्ता में है। लेकिन उन्हें इन परिवारों से कोई मतलब नहीं है।


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