धर्मांतरण विरोधी कानून पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को दिया नोटिस, तीन सप्ताह में मांगा जवाब

धर्मांतरण विरोधी कानून पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को दिया नोटिस, तीन सप्ताह में मांगा जवाब

लखनऊ. यूपी धर्मांतरण विरोधी कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस भेजा है. साथ ही हाई कोर्ट की डबल बेंच ने तीन हफ्ते में सरकार से जवाब मांगा है. अब इस मामले में 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

याचिका सोशल एक्टिविस्ट आनंद मालवीय की तरफ से दाखिल की गई थी. जनहित याचिका में धर्मांतरण कानून को संविधान विरोधी और गैर जरूरी बताया गया है. यह भी कहा गया कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. इसका सियासी दुरुपयोग किए जाने की आशंका है. इस पर एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस अनिल कुमार ओझा की डिविजन बेंच ने सोमवार को सुनवाई की.

धर्मांतरण कानून के खिलाफ पहले से दो जनहित याचिकाएं दाखिल हैं. इस पर यूपी सरकार पहले से ही कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर चुकी है. अब सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होने की उम्मीद है. नवंबर 2020 में यूपी सरकार ने धर्मांतरण कानून लागू किया था.


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