अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं ने ही अल्पसंख्यकों को ठगा छला है : मो. अशहरूल हक

अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं ने ही अल्पसंख्यकों को ठगा छला है : मो. अशहरूल हक

PATNA : राष्ट्रीय सेक्यूलर मजलिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अशहरूल हक ने बयान देते हुए बताया है कि आजादी के बाद से अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं ने ही अल्पसंख्यकों को ठगा छला है. अल्पसंख्यकों का हितैषी बताकर राजनीति करते रहे हैं और विधायक सांसद बनते रहे हैं. जबकि अल्पसंख्यक समुदाय की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रही है.

उन्होंने कहा की अल्पसंख्यकों का जीवन स्तर गिरता ही जा रहा है. शिक्षा से ये समाज दूर सा हो गया है. रोज़गार के क्षेत्र में आज के वक्त में चाहे सरकारी हो या प्राईवेट अल्पसंख्यकों की संख्या नाम मात्र का रह गया है. किसी भी विभाग-कार्यालय में सरकारी आंकड़े देख लें. अल्पसंख्यक वहाँ नहीं है. ये समाज पूरा कट सा गया है. आज अल्पसंख्यकों का प्रतिशत जेलों में है. ऐसे हालात में शहाब जाफरी का ये शेर फिट बैठता है.

"तु ईधर उधर की न बात कर ये बता कि काफिला क्यों लुटा, मुझे रहज़नों से गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है"


आकड़ों के अनुसार वर्ष 2006 में रजिंदर सच्चर कमेटी रिपोर्ट हो या उसके बाद वर्ष 2007 में आए रंगनाथ मिश्रा कमिशन की रिपोर्ट हो. आज 13 वर्ष बाद इन रिपोर्ट के आकड़ों से भी हालात बद से बदतर हो गए हैं. ऐसे स्थिति में राष्ट्रीय सेक्यूलर मजलिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अशहरूल हक का बिहार और देश की जनता से खास कर अल्पसंख्यक समाज के लोगों से अपील है की जो भी नेता अल्पसंख्यक की राजनीति करता है. चाहे वो कांग्रेस में हो या अन्य दलों में वैसे नेताओं का जनता जमानत जब्त कराए. इस बिहार विधानसभा चुनाव में और ज़माने से सांसद मंत्री बने रहने वालों को एक संदेश जाए कि ये राजनीति किसी की बपौती नहीं है. बल्कि जनता द्वारा संचालित व्यवस्था है.

राष्ट्रीय सेक्यूलर मजलिस पार्टी स्वच्छ राजनीति में विश्वास करती है और स्वस्थ समाज का निर्माण करेगी. विधानसभा चुनाव में युवाओं और योग्यता सम्पन्न लोगों को मौका भी देगी. अबतक अल्पसंख्यक समाज आरक्षण से वंचित है जबकि हर क्षेत्र में आज सबसे ज्यादा जरूरत आरक्षण की अल्पसंख्यक समाज को है. 

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