ऐंटी टेरर बिल लोकसभा से पास, अमित शाह बोले- देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं

ऐंटी टेरर बिल लोकसभा से पास, अमित शाह बोले- देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं

बुधवार को गैरकानूनी गतिविधियां(रोकथाम) संशोधन विधेयक 2019 को विरोध के बीच लोकसभा ने पारित कर दिया। इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच जोरदार बहस हुई। इस बिल पर सदन में हुई जोरदार बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद पर करारा प्रहार करने के लिए कड़े और बेहद कड़े कानून की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस कानून में संशोधन का विरोध कर रही है जबकि 1967 में इंदिरा गांधी की सरकार ही यह कानून लेकर आई थी। शाह ने अर्बन नक्सलिजम पर वार करते हुए कहा कि जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं, उन पर कठोर कार्रवाई होगी। हमारी सरकार की उनके प्रति बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं है।


कानून के दुरुपयोग के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि इस बिल में प्रावधान हैं कि किसी व्यक्ति को कब आतंकी घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद बंदूक से नहीं बल्कि प्रचार और उन्माद से पैदा होता है। ऐसा करने वालों को आतंकी घोषित करने में किसी को आपत्ति क्यों हो रही है।

अमित शाह बोले कि विपक्ष कह रहा है कि सरकार इसके जरिए किसी भी कंप्यूटर में घुस जाएगी, अगर आतंकवाद से जुड़ा काम करोगे तो पुलिस आपके कंप्यूटर में जरूर घुसेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि हालांकि इस बिल में भी हमने अपील के लिए विकल्प खुले रखे हैं। अमित शाह ने कहा कि जो लोग UPA सरकार के दौरान हमारे खिलाफ जांच कर रहे थे वही आज NIA में कार्यरत हैं, तब उनपर भरोसा था तो आज क्यों नहीं है।

अमित शाह ने कहा कि अगर व्यक्ति के मन में आतंकवाद है तो संगठन को बैन करने से कुछ नहीं होगा, तब वह नया संगठन बना लेगा, इस वजह से व्यक्ति को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान लाना जरूरी है। उन्होंने इस दौरान अमेरिका, UN, चीन, इजरायल और पाकिस्तान जैसे देशों का भी उदाहरण दिया।

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