AMU के शताब्दी समारोह में बोले पीएम – इस्लामिक और भारतीय संस्कृति का संगम है विश्वविद्यालय

AMU के शताब्दी समारोह में बोले पीएम – इस्लामिक और भारतीय संस्कृति का संगम है विश्वविद्यालय

अलीगढ़। देश की अग्रणी शिक्षण संस्थान में शामिल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय आज अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने भी यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने एक विशेष डाक टिकट का भी ऑनलाइन विमोचन किया। अपने संबोधन में पीएम में मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को इस्लामिक और भारतीय संस्कृति का केंद्र बताया।

1964 के बाद यूनिवर्सिटी में यूनिवर्सिटी के किसी कार्यक्रम में पीएम का भाषण आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर को खास बनाते हुए पीएम ने कहा कि बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहांजो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है। यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिंदी भी। अरबी पढ़ाई जाती है तो संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है।

पीएम मोदी ने कहा किआज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि लोग बोलते हैं कि एएमयू कैंपस अपने आप में एक शहर की तरह है। अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है।


AMU के कैंपस में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना के लिए काम करना है। अभी लगभग 1000 विदेशी छात्र अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। इसलिए हमारे जिम्मेदारी है कि वो यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं इसलिए आपके संस्थान पर दोहरी जिम्मेदारी है। अपना सम्मान बढ़ाने की और अपनी जिम्मेदारे बखूबी निभाने की। उन्होंने कहा कि समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए। जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें।

इस दौरान पीएम मोदी ने मुस्लिम बच्चियों के स्कूल से ड्रॉप आउट करने पर बात करते हुए कहा कि पहले 70 फीसदी स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती थी, आज यह आंकड़ा घटकर 30 फीसदी तक पहुंच गया है। हमारी सरकार ने हर स्कूल में शौचालय निर्माण को सुनिश्चित किया है, जिससे बच्चियों की स्कूल में संख्या बढ़ी है। साथ ही उनके लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं।

1964 के बाद बाद पहली बार

यह विडंबना है कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में 56 साल बाद किसी प्रधानमंत्री को शिरकत करने का मौका मिला है। हालांकि कुछ संगठनों ने पीएम के शिरकत का विरोध किया था। इससे पहले 1964 में तत्कालीन पीएम लाल बहादूर शास्त्री यहां हुए कार्यक्रम में शामिल हुए थे। 

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